14 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विभागीय की मुस्तैदी से मिट रहा मलेरिया का दंश

- पांच सालों से आ रही गिरावट- विश्व मलेरिया दिवस आज

2 min read
Google source verification
विभागीय की मुस्तैदी से मिट रहा मलेरिया का दंश

विभागीय की मुस्तैदी से मिट रहा मलेरिया का दंश

भरतपुर . मलेरिया की मार पर चिकित्सा विभाग ने खूब वार किया है। इसी का नतीजा है कि मलेरिया पैर पसारने की बजाय अब सिमटता नजर आ रहा है। इसकी गवाही चिकित्सा विभाग के आंकड़े दे रहे हैं। पिछले पांच सालों की बात करें तो मलेरिया का डंक लोगों को आहत नहीं कर रहा है। वर्ष 2022 की बात करें तो अब तक मलेरिया का महज एक ही केस सामने आया है।
चिकित्सा विभाग का कहना है कि मलेरिया को मिटाने की मुहिम के तहत वर्ष 2027 तक मलेरिया का उन्मूलन करना है। इसके लिए योजना के तहत टीमें काम कर रही हैं। खास तौर से एंटी लार्वा की कार्रवाई पर खूब जोर दिया जा रहा है, जिससे मलेरिया के मच्छर नहीं पनप सकें। अब इसके सुखद परिणाम भी सामने आ रहे हैं। पिछले पांच सालों से मलेरिया के केसों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इसमें भी बेहतर स्थिति यह है कि मौत का आंकड़ा शून्य है। चिकित्सा विभाग का कहना है कि एंटी लार्वा की कार्रवाई के साथ लोगों को लगातार जागरूक भी किया जा रहा है। लोग जागरूक होकर मच्छर नहीं पनपने दे रहे हैं। इससे मलेरिया अब काबू में आ रहा है।

मलेरिया को मिटाने की आज लेंगे शपथ

विश्व मलेरिया दिवस सोमवार को मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य वर्ष 2027 तक मलेरिया उन्मूलन है। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. असित श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2022 की थीम 'मलेरिया रोग के बोझ को कम करने और जीवन बचाने के लिए हानिकारक नवाचार है। मलेरिया दिवस पर जिलास्तर की जाने वाली गतिविधियों के तहत जीएनएम छात्र-छात्राओं एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों की ओर से जन जागरूकता रैली निकालने के साथ शपथ भी दिलाई जाएगी। जिले में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एएनएम, आशा की ओर से एंटी लार्वा गतिविधियां संपादित की जाएंगी। साथ ही मलेरिया रोकथाम, बचाव के लिए दीवारों पर स्लोगन लिखे जाएंगे। साथ ही मलेरिया के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्मिकों का सम्मान भी किया जाएगा।

कब कितने मिले मरीज

वर्ष पॉजिटिव मौत
2017 943 0
2018 273 0
2019 90 0
2020 38 0
2021 20 0
2022 01 0

इनका कहना है

मलेरिया उन्मूलन के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। खास तौर से एंटी लार्वा की कार्रवाई की जा रही है। इससे मलेरिया जैसी बीमारी पर अंकुश लग पा रहा है।

- डॉ. असित श्रीवास्तव, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भरतपुर