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सर्दी आते ही मन को ललचाने लगी रेवड़ी और गजक की खुशबू

गुड़ गजक, रेवड़ी और मूंगफली की खुशबू से महकने लगा बाजार  

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सर्दी आते ही मन को ललचाने लगी रेवड़ी और गजक की खुशबू

सर्दी आते ही मन को ललचाने लगी रेवड़ी और गजक की खुशबू

डीग. सर्दी का मौसम आते ही रेवड़ी और गजक के लिए शहर का बाजार अपनी मीठी सौंधी खुशबू से लोगों को ललचाने लगा है। गुड़, तिल और काजू आदि से बनी रेवड़ी और गजक की महक लोगों की सांसों में भरने लगी है। शहर के मुख्य बाजार में दुकानों पर गुड और तिल समेत मूंगफली से बनी गजक के काउंटर महकने लगे है। जबकि सड़क किनारे शाम को मौसम में ठंडक बढऩे के साथ ही गजक, रेवड़ी और मूंगफली के ठेले कतार से खड़े दिखने लगे है। ऐसे ठेले एक-दो नहीं बल्कि दर्जनभर ठेलों के काउंटर लगे है। इन दिनों गुड गजक, गुड़ व तिल के लड्डू, गजक चक्की एवं मूंगफली की गजक की डिमांड भी अधिक है। गुड शक्कर की गजक इत्यादि के पैकेट की भी बाजार में बिक्री हो रही है। दुकानों पर हर जगह ठेलों पर सर्दी में गुड़ के उत्पादों की अच्छी बिक्री हो रही है। आमतौर पर हाथ से कूट कर गुड़ तेल की गजक अधिक पसंद की जा रही है।

गुड़ टिक्की गजक की अधिक डिमांड -

गजक विक्रेता मोना पंडित ने बताया कि पिछले साल की तुलना में तिल के भाव बढऩे से इस बार गजक के भावों में तेजी है। गुड़ की टिक्की गजक जो पहले 260 थी, वो अब 300 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रही है। बाजार में इसकी अधिक डिमांड भी है। बताया गया है कि डीग में बन रही गुड टिक्की गजक की दूर राज्यों तक डिमांड है। जब भी कोई डीग आता है तो 8-10 किलो गजक लेकर जाता है। इसी तरह गुड व शक्कर की रेवडिय़ां भी बनाई जा रही है। यदि ऑर्डर मिलता है तो फिर उसके अनुरूप माल तैयार करते हैं।

ये हैं गजक और उनके भाव (प्रति किलो में)-

-गजक गोल टिक्की- 300 रुपए

-स्पेशल देशी घी काजू गजक- 460 रुपए

-मूंगफली गजक- 200 रुपए

-गुड रेवड़ी- 220 रुपए

-चीनी रेवड़ी- 220 रुपए

-गुड रोल गजक- 300 रुपए

-गुड पट्टी गजक- 320 रुपए

-तिल पट्टी गजक- 360 रुपए

-चीनी रोल गजक- 300 रुपए

ठंड के मौसम में मावे का काम करती है तिल की गजक -

यूं तो तिल-गुड़ से बनी गजक का चलन वर्षों पुराना है, लेकिन बदलते जमाने के साथ गजक बनाने का तरीका और वैरायटी में भी अंतर आया है। पहले गजक के रूप में तिल की रेवडिय़ां, गुड़ व शक्कर की गजक का चलन ज्यादा था। आधुनिकता के जमाने में अब मावा, मूंगफली, घी और काजू से बनी गजक लोगों की पहली पसंद बन गई है। ठंड भगाने के लिए गजक उपयोगी मानी जाती है। बताया जाता है कि गुड़ की गजक को दूध के साथ खाने से ठंड का प्रभाव कम हो जाता है। ठंड के मौसम में तिल की गजक मावे का काम करती है।

भावों में आई तेजी, विक्रेताओं ने किया स्टॉक -

गजक विक्रेता ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार तिलों के भावों में 60 रुपए प्रति किलोग्राम एवं मूंगफली के भावों में 40 रुपए प्रति किलोग्राम तेजी है। बताया जा रहा है कि तिल और मूंगफली के बड़े विक्रेताओं ने तिल और मूंगफली का बड़ी मात्रा में स्टॉक कर लिया। यही वजह है कि इन दिनों तिल और मूंगफली के भावों में तेजी है।