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इनसे सीखिए…हर दिन तीन हजार प्रभुजी की सेवा में व्यय होते हैं सिर्फ चार लाख रुपए

-अपना घर आश्रम में नवनिर्मित भवन का राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने किया लोकार्पण

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इनसे सीखिए...हर दिन तीन हजार प्रभुजी की सेवा में व्यय होते हैं सिर्फ चार लाख रुपए

इनसे सीखिए...हर दिन तीन हजार प्रभुजी की सेवा में व्यय होते हैं सिर्फ चार लाख रुपए

भरतपुर. अपनाघर आश्रम का मैनेजमेंट हम सभी को सीख देता है। क्योंकि यहां कितने कम खर्च में अधिक से अधिक प्रभुजी की सेवा होती है। यहां हर दिन तीन हजार प्रभुजी की सेवा पर चार लाख रुपए प्रतिदिन व्यय होते हैं। मतलब एक प्रभुजी की सेवा पर हर माह 2070 व्यय होता है। इसमें कपड़ा, खाना, दवाई समेत सभी व्यय शामिल होते हैं।
तकनीकी एवं संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग डॉ. गर्ग ने रविवार को अपनाघर आश्रम के नवनिर्मित प्रभु संकल्प भवन के लोकार्पण के बाद आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि अपनाघर आश्रम के पदाधिकारियों एवं संचालकों को गरीबों की सेवा के लिए ईश्वर का दूत बनाकर भेजा है और आज इन सबके सहयोग से पीडि़त व्यक्ति को समय पर भोजन, दवाई, आवास जैसी व्यवस्थाएं प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान जो चुनौतियां इस आश्रम को मिली उसे आश्रम के संचालकों ने अवसर में बदल दिया। बिना कुछ प्राप्ति की आशा से निराश्रितों की जो सेवा आश्रम में की जा रही है उसे देखकर राज्य सरकार ने भी आश्रम के साथ मिलकर सहयोग करने का मानस बनाया है और स्वयं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस आश्रम के अवलोकन की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना समाप्त नहीं हुआ है ऐसी स्थिति में हम सबको कोरोना के बचाव के उपाय सुनिश्चित करने होंगे। अन्यथा यह महामारी पुन: अपना विशाल रूप ले सकती है। प्रारम्भ में संस्था की संचालिका डॉ. माधुरी भारद्वाज ने बताया कि कोरोना काल के दौरान आश्रम में पीडि़त व्यक्तियों की सेवा एवं व्यवस्था में जो सहयोग कार्यकर्ताओं एवं आश्रम के पदाधिकारियों ने प्रदान किया। इसी वजह से आश्रम में कोरोना का संक्रमण नहीं फैल सका। इस दौरान विद्यालय निर्माण, मातृ सदन एवं नए भवन का निर्माण भी कराया गया। आश्रम के संरक्षक वीरपाल ने बताया कि 21 वर्ष पूर्व शुरू हुए इस आश्रम की देश में 36 एवं नेपाल में एक शाखा है। उन्होंने बताया कि इन सभी आश्रमों में करीब 6500 निराश्रित लोग निवास कर रहे हैं इनमें से भरतपुर आश्रम में करीब तीन हजार लोग रह रहे हैं। जिन पर प्रतिदिन करीब चार लाख रुपए व्यय हो रहे हैं। यह राशि दानदाताओं एवं आश्रमों के पदाधिकारियों की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही राजस्थान सरकार प्रदेश में आश्रम संचालन के लिए भवन उपलब्ध कराने का मानस भी बना रही है। कार्यक्रम में अपनाघर के संस्थापक डॉ. बीएम भारद्वाज, अध्यक्ष कुसुम अग्रवाल, कोषाध्यक्ष केके अग्रवाल आदि उपस्थित थे।