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ई-नाम पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसानों को मिलेगा पुरस्कार

-कृषक उपहार योजना लागू-10 हजार से 2.50 लाख रुपए तक का मिलेगा पुरस्कार

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ई-नाम पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसानों को मिलेगा पुरस्कार

ई-नाम पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसानों को मिलेगा पुरस्कार

भरतपुर. कृषि विपणन निदेशालय ने कृषि मंडियों में कृषि जिंस लेकर आने वाले किसानों के लिए कृषक उपहार योजना लागू की है। योजना में किसानों को 10 हजार रुपए से लेकर ढ़ाई लाख रुपए तक की राशि पुरस्कार में मिलेगी।
निदेशालय ने कृषक उपहार योजना एक जनवरी 2022 से लागू की है। इसके तहत किसानों को मंडी समिति में संचालित ई-नाम परियोजना के तहत मंडियों में अपनी कृषि उपज बेचने व ई-भुगतान प्राप्त करने पर निशुल्क ई-उपहार कूपन मंडी समिति के माध्यम से जारी किए जाएंगे। यह योजना 31 दिसंबर 2022 तक है। ई-नाम पोर्टल पर कृषि उपज के विक्रय के हिसाब से विक्रय पर्ची, ई-भुगतान प्राप्त करने पर ई-कूपन मिलेंगे। किसानों को उपहार कूपन विक्रय पर्ची जिसका मूल्य 10 हजार रुपया या इसके गुणक में मिलेगा। जैसे किसान ने ई-पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद ई-भुगतान दो लाख रुपए प्राप्त किया। ऐसे में किसानों को 10 हजार की राशि पर एक उपहार कूपन के हिसाब से 20 कूपन दिए जाएंगे।

तीन श्रेणियों में मिलेगा पुरस्कार

योजना में तीन श्रेणियों में पुरस्कार मिलेगा। पहला मंडी स्तर, दूसरा खंड स्तर व तीसरा पुरस्कार राज्यस्तर पर मिलेगा। मंडी स्तर पर हर छह माह में किसान को दो प्रकार के पुरस्कार दिए जाएंगे। पहला गेट पास की विक्रय पर्ची पर व दूसरा ई-नाम भुगतान की विक्रय पर्ची पर। गेट पास व ई-नाम भुगतान की विक्रय पर्ची पर प्रत्येक में प्रथम पुरस्कार 25 हजार, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार व तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपए मिलेगा। खंड स्तर पर छह माह में प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 30 हजार व तृतीय पुरस्कार 20 हजार रुपए मिलेगा। राज्यस्तर पर वर्ष में एक बार पुरस्कार मिलेगा। राज्यस्तर पर किसान को प्रथम पुरस्कार ढाई लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार डेढ़ लाख रुपए व तृतीय पुरस्कार एक लाख रुपए मिलेगा।

जिले में संचालित है छह कृषि उपज मंडियां

नदबई, कामां, डीग, बयाना, नगर, भरतपुर में कृषि उपज मंडी संचालित हैं। जहां किसानों की जिंस क्रय का कार्य किया जाता है। इन्हीं मंडियों में कृषक उपहार योजना का लाभ मिल सकेगा।

इनका कहना है

-योजना में तीन श्रेणियों में पुरस्कार मिलेगा। पहला मंडी स्तर, दूसरा खंड स्तर व तीसरा पुरस्कार राज्यस्तर पर मिलेगा।

शैलेंद्र गोयल
सचिव कृषि उपज मंडी समिति