भरतपुर

फेस्टिव सीजन 2023: दिवाली से पहले बन रहे हैं ये शुभ योग, नई गाड़ी और प्रॉपर्टी खरीदने का सबसे अच्छा समय

दीपावली का पर्व आने वाला है। अगर आप शुभ मुहूर्त के इंतजार में हैं तो ये इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। ज्योतिषियों के अनुसार दीपावली तक कई शुभ संयोग बन रहे हैं।

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Nov 02, 2023

Festival Season 2023: दीपावली का पर्व आने वाला है। अगर आप शुभ मुहूर्त के इंतजार में हैं तो ये इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। ज्योतिषियों के अनुसार दीपावली तक कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इसमें खरीदारी करना शुभ होगा। शुभ योगों की शुरुआत एक नवंबर से ही हो गई है। जो कि धनतेरस व दीपावली तक रहेंगे। धनतेरस वैसे ही खरीदारी का महामुहूर्त कहलाता है। मान्यता के अनुसार धनतेरस पर खरीद शुभ फलदायी होती है तो शहरवासी भी इस दिन खरीदारी करने बाजारों में उमड़ेंगे। ऐसे में इस दिन बाजारों में धनवर्षा होगी। पं. राममोहन शर्मा के अनुसार दीपावली से पहले चार नवंबर को पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है। अगर पुष्य नक्षत्र या पुष्य योग शनिवार के दिन पड़ता है तो इसे शनि पुष्य कहते हैं। वहीं अगर पुष्य नक्षत्र रविवार के दिन पड़ता है तो इसे रवि पुष्य योग कहते हैं। इस विशेष योग में खरीदारी करना और घर पर सामान लाना बेहद शुभ होता है। ऐसे में आप इस दिन कई चीजों की खरीदारी कर सकते हैं। वहीं, पुष्य नक्षत्र के साथ शनिवार को बुधादित्य योग भी है जो काम को साधेंगे। इसी तरह पांच नवंबर को सर्वार्थ सिद्धि योग, पराक्रमी योग, बुधादित्य योग जैसे शुभ योग बन रहे हैं। भूमि में करें निवेश: इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनरी, संपत्ति, भवन, भूमि, निवेश की योजना, निवेश के प्रोजेक्ट, पॉलिसी में निवेश करना बेहतर रहेगा।

दीपावली से पहले ये मुहूर्त खास
3 नवंबर - शुक्रवार वाहन क्रय विक्रय, 4 नवंबर - शनिवार शनि पुष्य योग त्रिपुष्कर योग प्रशस्त योग है। इनमें गृह प्रवेश, भूमि नींव एवं नवीन व्यापार, वाहन क्रय
5 नवंबर - रविवार सर्वार्थ सिद्धि योग, नवीन व्यापार उद्योग
9 नवंबर - गुरुवार जीर्ण गृह प्रवेश वाहन व्यापार
10 नवंबर - शुक्रवार धनतेरस, भूमि पूजन, नींव, जीर्ण गृह प्रवेश, व्यापार, वाहन, ज्वेलरी और भी कई शुभ मुहूर्त किया जा सकेंगे।
11 नवंबर - शनिवार सर्वार्थ सिद्धि योग, जीर्ण गृह प्रवेश, व्यापार वाहन
12 नवंबर - दीपावली

नया कार्य, नया वाहन व संपत्ति खरीदी के लिए श्रेष्ठ: पुष्य नक्षत्र को श्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है। इसका मुख्य कारण यह है कि इस नक्षत्र का अधिपति शनि और उपवास स्वामी बृहस्पति है, जो कार्य की प्रगति व लाभ के लिए अनुकूल माने जाते हैं। साथ ही नए व्यापार की शुरुआत, नई दुकान या नया प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए भी यह समय उपयुक्त माना जाता है। निवेश के मान से भी इस समय को सकारात्मक बताया गया है। सोच समझकर निवेश तथा कार्य की प्रगति के संबंध में विचार कर आगे बढ़ने से लाभ मिलेगा।

Published on:
02 Nov 2023 11:53 am
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