
फाइल फोटो- पत्रिका
भरतपुर। रसोई में लगी महंगाई की आंच हर घर का बजट झुलसाने लगी है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ दाल, खाद्य तेल, मसाले और रोजमर्रा के सामान पहले ही आम आदमी की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। बढ़ते खर्च का असर अब सिर्फ घर की रसोई तक सीमित नहीं है बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में मिलने वाली थाली से लेकर फास्ट फूड तक महंगा हो गया है। गृहिणियों, नौकरीपेशा लोगों, मध्यम वर्गीय परिवारों और छोटे कारोबारियों का कहना है कि आमदनी की रफ्तार थमी हुई है जबकि महंगाई हर महीने नया झटका दे रही है। रसोई से लेकर सफर और बाजार तक हर मोर्चे पर लोगों की जेब पर बोझ बढ़ता जा रहा है।
यह वीडियो भी देखें
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 923 रुपए से बढ़कर 952 रुपए पहुंच गई है। जिले में 3 लाख 43 हजार 60 घरेलू गैस उपभोक्ता हैं और प्रतिदिन लगभग 5300 सिलेंडरों की खपत होती है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 3162 रुपए हो गई है। ऐसे में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों का उपयोग होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है। इससे यहां भी मंहगाई का असर देखने को मिल रहा है।
पिछले कुछ महीनों में भरतपुर में अरहर दाल 110 रुपए से बढ़कर 120 रुपए किलो, उड़द दाल 120 से 140 रुपए, चना दाल 75 से 80 रुपए और मूंग दाल 100 से 110 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इसी तरह सरसों तेल 160 से बढ़कर 180 रुपए, ग्राउंड नट ऑयल 175 से 209 रुपए और सोयाबीन तेल 125 से बढ़कर 150 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। व्यापारियों का कहना है कि कच्चे माल और परिवहन लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
सिलेंडर, राशन और बाहर मिलने वाले खाने-पीने की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। महीने का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। पहले जितने खर्च में घर चलता था, अब वह संभव नहीं रहा।
राशन, सब्जियां और दूसरी जरूरी वस्तुएं पहले ही महंगी हो चुकी हैं। इधर, हर महीने गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। मध्यम वर्ग के लिए हालात कठिन होते जा रहे हैं।
Published on:
14 Jun 2026 07:31 pm
बड़ी खबरें
View Allभरतपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
