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पांडालों में दिखेंगे श्याम पगड़ी व मोरपंख पगड़ी पहने गणपति बप्पा

गणेश महोत्सव की धूम, इस बार पगड़ी के साथ बनाई गणपति प्रतिमाओं का क्रेज बढ़ा

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पांडालों में दिखेंगे श्याम पगड़ी व मोरपंख पगड़ी पहने गणपति बप्पा

पांडालों में दिखेंगे श्याम पगड़ी व मोरपंख पगड़ी पहने गणपति बप्पा

भरतपुर. घरों से लेकर पांडालों तक गणेश महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। एक ओर जहां विभिन्न संगठनों की ओर से गणेश पांडालों को सजाने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रतिमाएं बनाने वालों ने भी नए-नए लुक में गणपति प्रतिमाएं तैयार की है। हर वर्ष की तरह इस बार भी अलग-अलग तरह की सजावट से सुसज्जित प्रतिमाएं बाजार में हैं, लेकिन सबसे ज्यादा पसंद पगड़ी वाली प्रतिमाएं की जा रही हैं। जिनमें भी श्याम पगड़ी, मोरपंख वाली पगड़ी एवं फैटा पगड़ी से सुसज्जित गणपति प्रतिमाओं का क्रेज ज्यादा देखने को मिल रहा है। इनकी ओर भक्त ज्यादा आक्रषित हो रहे हैं।
गणेश महोत्सव शुरू होने में अब सिर्फ एक दिन शेष रह गया है। ऐसे में गणेशोत्सव को परम्परागत धूमधाम से मनाने के लिए भक्तों में अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। विशेषकर पांडाल की सजावट व प्रतिमाओं की खरीदारी में। रविवार को छुट्टी का दिन होने से सुबह से ही मूर्ति बाजारों में खरीदारों की भीड़ देखने को मिली। लोग मनपसंद गणपति प्रतिमाओं को खरीदकर गणपति बप्पा मोरिया के जयकारों के साथ घर ले जाते नजर आए। भक्तों में उत्साह देखते ही बन रहा था।
एक दशक से बढ़ा गणेश महोत्सव का क्रेज
तीन पीढिय़ों से मिट्टी की प्रतिमा तैयार कर रहे मूर्तिकार सोहनलाल प्रजापति का कहना है कि पहले कम स्तर पर गणेशोत्सव मनाते थे, लेकिन पिछले एक दशक से गणेश महोत्सव का क्रेज भरतपुर में बढऩे लगा है। जिसको देखकर उनकी मनपसंद की प्रतिमाएं तैयार की जाती है। मुम्बई में पगड़ी व फैटा वाली प्रतिमाएं देखकर आए तो अब इस प्रकार की प्रतिमाएं भरतपुर में बनाने लगे हैं। यूं तो अनेक प्रकार की प्रतिमाएं बाजार में हैं, लेकिन अपने गणपति को विशेष बनाने के लिए लोग पगड़ी वाली प्रतिमाओं ज्यादा खरीद रहे हैं। जिनमें श्याम पगड़ी, नगवाली पगड़ी, मोरपंख पगड़ी, छत्रपतिशिवाजी महाराज पगड़ी, वागेश्वर धाम पगड़ी, राजस्थानी साफा, हैपी वर्थडे वाली टोपी का चलन ज्यादा बढ़ा है। मिट्टी की बनी यह प्रतिमाएं एक फीट से लेकर ढाई-तीन फीट तक ही हैं, जिनकी कीमत 100 रुपए से लेकर 4-5 हजार रुपए तक है।
पत्रिका पहल...
गणपति प्रतिमाएं खरीदने के साथ यह ध्यान रखें कि मिट्टी के गणपति घर ले जाएं। पीओपी से बचने का प्रयास करें। जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं हो। कम ऊंचाई वाली प्रतिमाएं खरीदें, जिससे घरों में ही विसर्जन किया जा सके। क्योंकि तालाबों, नदी, घाटों में विसर्जन करने से जलसस्रोतों को नुकसान पहुंचता है। इसकी जगह अलग से छोटे जल कुण्ड बनाकर विसर्जन किया जा सकता है। यह कार्य अपने गली-मोहल्ले या क्षेत्र के किसी खुले स्थान पर भी कर सकते हैं।