भरतपुर. पिछले 100 सालों से भरतपुर में चली आ रही परंपरा के तहत शुक्रवार को गणगौर महोत्सव की शोभायात्रा निकाली गई। श्रीसनातन धर्म सभा की ओर से आयोजित इस शोभायात्रा के लिए इस बार आगरा से विशेष झांकियां मंगवाई गई। इनमें विशेष रूप से इस बार भगवान खाटूश्याम जी की झांकी को भी शामिल किया गया। इस बार शोभायात्रा में कुल छह झांकियां निकाली गई। इनमें सबसे आगे भगवान गणेश, इसके बाद मयूर नृत्य के साथ भगवान कृष्ण की झांकी। इसके बाद हवन करते हुए मां दुर्गा की झांकी, खाटू श्यामजी की झांकी और गणगौर की सवारी थी। इस बार मां गौरा को संजाने के लिए इस बार वृंदावन से विशेष पोषाक मंगवाई गई है। वहीं भगवान शंकर के लिए वृंदावन से ही जरकिन का कुर्ता और साफा मंगवाया गया।
शोभायात्रा के आगे दो घुड़सवार हाथों में सनातन धर्म की ध्वजा पताका लेकर चल रहे थे। शोभायात्रा में सालों से ध्वजा पताका की कमान संभालने की जिम्मेदारी अनाह गेट बजरिया का एक अग्रवाल परिवार सालों से निभाता आ रहा है। पहले इस परिवार से ताराचंद सर्राफ घोड़े पर बैठकर ध्वजा लेकर चलते थे। उनके बाद अब उनका पुत्र राजकुमार अग्रवाल यह जिम्मेदारी निभा रहा है। शोभायात्रा के व्यवस्थापक पंडित श्यामसुंदर शर्मा ने बताया कि ध्वजावाहक बनने वाले व्यक्ति को इस कार्य के लिए महीनों से तैयारी करनी पड़ती है। अपने चेहरे के साथ ही रौबदार मूंछ बनाने की भी तैयारी भी ये लोग महीनों से करते हैं। गणगौरी महोत्सव 2023 की शोभायात्रा इस बार सनातन धर्मशाला लक्ष्मण मंदिर से शुरू होकर कोतवाली, पत्थर की टाल होते हुए अनाह गेट बजरिया, अटलबंध पहुंची। इसके बाद अटलबंध से यह शोभायात्रा भगवान गणेश परिक्रमा करती हुई बुध की हाट, प्राचीन गंगा मंदिर फिर चौबुर्जा से घूमती हुई पुन: लक्ष्मण मंदिर आकर समाप्त हुई।