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भरतपुर में अब अरुण फौजी गैंग की दस्तक, सर्राफा व्यापारी से मांगी रंगदारी

एक दशक तक राजस्थान, उत्तरप्रदेश व हरियाणा में अपराध की दुनिया में जड़ जमाने वाले एनएसजी कमांडो रहे अरुण फौजी की गैंग की दस्तक ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी है।

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भरतपुर में अब अरुण फौजी गैंग की दस्तक, सर्राफा व्यापारी से मांगी रंगदारी

भरतपुर में अब अरुण फौजी गैंग की दस्तक, सर्राफा व्यापारी से मांगी रंगदारी

भरतपुर. एक दशक तक राजस्थान, उत्तरप्रदेश व हरियाणा में अपराध की दुनिया में जड़ जमाने वाले एनएसजी कमांडो रहे अरुण फौजी की गैंग की दस्तक ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी है। अरुण फौजी का नाम तीनों राज्यों में शायद किसी थाने की पुलिस न जानती हो, क्योंकि यह वो बदमाश है, जो कि 10 साल पहले पुलिस के सामने साथियों के साथ फरार हो गया था।

अब उत्तरप्रदेश के बाद अब गैंगस्टर्स के लिए सुरक्षित भरतपुर में व्यापारी भी महफूज नहीं है। बुधवार को शहर के एक सर्राफा व्यापारी को फोन कर अरुण फौजी गैंग ने 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगी है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि रंगदारी उसी गैंग ने मांगी है। पुलिस अभी मोबाइल नंबर को ट्रेस कर रही है। दोवर्ष के अंदर व्यापारी से रंगदारी मांगने का यह शहर में तीसरा व इस व्यापारी के साथ दूसरा मामला है।

कोतवाली थाने में हरीशंकर गोयल पुत्र स्व. दाऊदयाल सर्राफ (63) निवासी रंजीतनगर ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि 19 जुलाई के सुबह 10 बजकर तीन मिनट पर मोबाइल पर किसी व्यक्ति ने फोन किया। खुद को अरुण फौजी गैंग का सदस्य बता रहा था। उसने कहा कि दो घंटे के अंदर 10 लाख रुपए चाहिए। पुलिस में एफआइआर मत कराना नहीं तो कुलदीप जघीना जैसा हाल करेंगे। फिर फोन कट गया।