
Bharatpur: डीग। समाज के विवाह समारोह में फिजूल खर्ची पर रोक लाने की पहल कारगार साबित होने लगी है। समाज की महापंचायत में विवाह समारोह में डीजे बजाने और साफा बांधने सहित अन्य कुरीतियों पर पूरी तरह रोक लगाने समेत कई अहम निर्णयों के बाद नियमों को कड़ाई से लागू करने की दिशा में पहली बार समाज के एक विवाह समारोह में डीजे और साफा (फेंटा) पर पूरी पाबंदी रही। दरअसल, सोमवार को बरई से एक बारात निकटवर्ती गांव दिदावली पहुंची। जिसमें डीजे और साफा बांधने की परंपरा पर पूरी तरह रोक देखी गई।
उल्लेखनीय है कि गुर्जर समाज की ओर से गांव घर-गली फिजूल खर्ची उन्मूलन अभियान के साथ जन जागृति रैली निकालकर लोगों से सामाजिक कुरीतियों फ़िज़ूल खर्चियों को जड़ से समाप्त करने का आह्वान किया जा रहा है। साथ ही कुल्ला भोज, मृत्यु भोज, दहेज, शराब व अन्य फिजूल खर्चियां, जो समाज के लिए एक अभिशाप हैं और समाज को अंदर से खोखला कर उसके विकास को अवरुद्ध कर रही है उन्हें समाप्त कर कर्नल बैंसला के उत्तम स्वास्थ्य, उत्तम शिक्षा के सन्देश को जीवन का मूल मंत्र बनाने की अपील की जा रही है।
समाजके अध्यक्ष आनन्द प्रकाश पटेल ने बताया कि समाज में सामाजिक कुरीति फ़िज़ूलखर्ची उन्मूलन जन जागृति को लेकर अब तक समाज के 34 से अधिक गांवों की हुई पंचायत में समाज के लोग सामाजिक कुरीतियों फिजूल खर्चियों को पूरी तरह से बंद करने का निर्णय ले चुके हैं। साथ ही शादियों में निमंत्रण व्हाट्सएप से देने, भात में साफा बांधना बंद करने, मृत्यु भोज कुल्ला भोज बंद करने, लड़की की शादी में मांडा करना बंद करने के निर्णय के साथ निर्णय का उल्लंघन करने वाले को आर्थिक रूप से दंडित करने का प्रस्ताव पारित कर चुके हैं।
समाजमें संभवतया: यह ऐसा पहला विवाह समारोह रहा, जिसमें डीजे और साफा बांधने पर रोक लगाई गई। दरअसल सोमवार को निकटवर्ती गांव बरई से दिदावली बारात आई थी। गांव में यह पहली बारात रही जिसमें डीजे नहीं बजाया जा सका।
-सुन्दर सिंह, पूर्व सरपंच, दिदावली
Updated on:
4 Dec 2024, 2:36 PM IST
Published on:
4 Dec 2024, 2:36 PM IST
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