22 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खतरा बढ़ा…अब कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे आरबीएम के आधा दर्जन चिकित्सक पॉजिटिव

- एक आईसीयू में भर्ती, एक ही दिन में निकले 99 संक्रमित

2 min read
Google source verification
खतरा बढ़ा...अब कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे आरबीएम के आधा दर्जन चिकित्सक पॉजिटिव

खतरा बढ़ा...अब कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे आरबीएम के आधा दर्जन चिकित्सक पॉजिटिव

भरतपुर. कोरोना की दूसरी लहर में लोगों की जिंदगी को महफूज करते हुए चिकित्सक खुद इसकी चपेट में आ रहे हैं। अब आरबीएम के करीब आधा दर्जन चिकित्सक कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। इनमें से एक चिकित्सक को आईसीयू में भर्ती है, जबकि अन्य होम आइसोलेट किए गए हैं। कोरोना काल में मरीजों की सेवा में जुटे चिकित्सकों के पॉजिटिव होने से चिकित्सा व्यवस्थाएं बेपटरी होने का अंदेशा बना हुआ है। हालांकि चिकित्सक पूरी मुस्तैदी से मरीजों की देखभाल में जुटे हुए हैं।जानकारी के अनुसार शुरुआत में एक-दो चिकित्सकों ने लक्षण प्रतीत होने पर अपना टेस्ट कराया। सम्पर्क में आए अन्य चिकित्सकों ने भी अपनी रिपोर्ट कराई है। ऐेसे में आरबीएम में तैनात आधा दर्जन चिकित्सक अब कोरोना पॉजिटिव हैं। इनमें से एक का उपचार आईसीयू में चल रहा है, जबकि अन्य होम आइसोलेट होकर उपचार ले रहे हैं। इसको लेकर आरबीएम प्रशासन पूरी सतर्क हो गया है एवं चिकित्सकों को खास सावधानी के साथ मरीजों को उपचार करने की बात कही है।

टले सामान्य ऑपरेशन

कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों की बढ़ती संख्या एवं हल्के खांसी-जुकाम को लेकर अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को लेकर चिकित्सकों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन सामान्य ऑपरेशनों को फिलहाल टाल दिया है। आरबीएम प्रशासन का ध्यान इन दिनों कोरोना संक्रमितों की जिंदगी बचाने पर है। ऐसे में सामान्य ऑपरेशन आदि को फिलहाल रोक दिया गया है।

अलग से वार्ड बनाने पर मंथन

कोरोना की चपेट में आ रहे चिकित्सकों के लिए आरबीएम प्रशासन अलग से वार्ड बनाने पर विचार कर रहा है। इस वार्ड में चिकित्सकों के साथ यदि कोई भी प्रशासनिक अधिकारी इसकी चपेट में आता है तो उसका भी उपचार वहां किया जा सकेगा।

आरबीएम में मरीजों की स्थिति

पॉजिटिव भर्ती मरीज - 88
सस्पेक्टेड भर्ती मरीज - 70
ऑक्सीजन पर पॉजिटिव - 45
ऑक्सीजन पर सस्पेक्टेड - 50

एक मरीज पर रोज खर्च हो रहा डेढ़ सिलेंडर

कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच सिलेंडर की खपत खासी बढ़ गई है। एक मरीज पर प्रतिदिन करीब डेढ़ सिलेंडर ऑक्सीजन खर्च हो रही है। हालांकि भरतपुर में फिलहाल पर्याप्त ऑक्सीज है। रविवार को अलवर से 100 सिलेंडर ऑक्सीजन और मंगाई गई।

बेड बढ़ाने को लेकर जिलास्तरीय समिति गठित

भरतपुर . जिला स्तर पर कोरोना पॉजिटिव की बढ़ती संख्या को दृष्टिगत रखते हुए जिला स्तर पर कोविड बेड बढ़ाने के लिए जिला स्तरीय कमेटियों का गठन किया है। जिले में कमेटी का गठन कर एडीएम सिटी के.के. गोयल को प्रभारी बनाया है। इसके अलावा नगर सुधार न्यास की सचिव नीलिमा तक्षक, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. असित श्रीवास्तव एवं राजेन्द्र गुर्जर डाइरेक्टर एसजेआई को सदस्य नियुक्त किया है।

ऑक्सीजन आपूर्ति को नोडल अधिकारी नियुक्त

कोरोना की दूसरी लहर में तेजी से फैलते संक्रमण को ध्यान में रखते राज्य स्तर से ऑक्सीजन सप्लाई के लिए जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। भरतपुर में एडीएम प्रशासन बीना महावर को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया है।

इनका कहना है

आरबीएम के 6-7 चिकित्सक कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जिन्हें होम आइसोलेट किया गया है। संक्रमितों की संख्या के लिहाज से फिलहाल टाले जाने वाले ऑपरेशनों को टाल दिया गया है।

- डॉ. जिज्ञासा साहनी, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी आरबीएम भरतपुर