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राजस्थान में जाट समाज करेगा ‘शक्ति प्रदर्शन’, सांसद हनुमान बेनीवाल का ‘ताकत’ दिखाने का किया आह्वान

भरतपुर के नुमाइश मैदान में 22 जून 2026 को जाट आरक्षण हुंकार रैली का आयोजन। आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने धौलपुर, भरतपुर और डीग के समाज से ताकत दिखाने का किया आह्वान।
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भरतपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 21 Jun 2026, 4:05 PM IST

Hanuman Beniwal Bharatpur Jat Reservation Rally Nuvaish Maidan Live Updates

Hanuman Beniwal - File PIC

राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों के जाट समुदाय को केंद्र सरकार की नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण का लाभ दिलवाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस सिलसिले में जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा सोमवार, 22 जून को भरतपुर के नुमाइश मैदान में 'आरक्षण हुंकार रैली' का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा किया है। उन्होंने समाज के लोगों से इस कार्यक्रम में रिकॉर्ड संख्या में जुटने की अपील की है ताकि सरकार तक समाज की सामूहिक आवाज को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का है सवाल : सांसद हनुमान बेनीवाल

सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर समाज और अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए संदेश जारी किया।

सांसद बेनीवाल ने अपनी पोस्ट में लिखा, "प्रिय साथियों, धौलपुर, भरतपुर व डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में ओबीसी आरक्षण का लाभ दिलवाने से जुड़े मुद्दों और समाज के हितों की रक्षा के लिए कल दिनांक 22 जून 2026 को भरतपुर में जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा आयोजित आरक्षण हुंकार रैली में आप सभी की गरिमाइम उपस्थिति आवश्यक है। यह केवल एक सभा नहीं, बल्कि हमारे अधिकारों, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए एकजुट होकर अपनी बात रखने का अवसर है। आइए, अधिक से अधिक संख्या में कल भरतपुर पहुँचकर समाज की ताकत और एकता का परिचय दें। आपकी भागीदारी ही जाट आरक्षण संघर्ष समिति को मजबूती प्रदान करेगी। मुझे भी आरक्षण संघर्ष समिति ने आमंत्रित किया है, मैं कल समर्थकों के साथ भरतपुर जाऊंगा। 'एकता हमारी शक्ति है, अधिकार हमारा संकल्प है।'"


क्या है पूरा विवाद?

राजस्थान में जाट समाज को राज्य स्तर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के तहत आरक्षण का लाभ काफी समय से मिल रहा है, लेकिन भरतपुर और धौलपुर (और हाल ही में गठित डीग) जिलों के जाटों के साथ केंद्र सरकार के स्तर पर एक अलग तकनीकी और ऐतिहासिक पेंच फंसा हुआ है।

दरअसल, वर्ष 1999 में जब केंद्र की तत्कालीन सरकार ने देश और राजस्थान के जाटों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल किया था, तब भरतपुर और धौलपुर के जाटों को तत्कालीन रियासतकालीन शासक वर्ग होने का हवाला देकर इस सूची से बाहर रख दिया गया था।

इसके बाद लंबे कानूनी और सामाजिक संघर्ष के बाद राज्य सरकार ने तो इन्हें आरक्षण दे दिया, लेकिन केंद्र सरकार की सिविल नौकरियों और केंद्रीय शिक्षण संस्थानों (जैसे IIT, AIIMS, केंद्रीय विश्वविद्यालय) में आज भी इन 3 जिलों के जाट युवाओं को सामान्य श्रेणी में ही प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है।

धौलपुर, भरतपुर और डीग के ग्रामीण युवाओं का तर्क है कि वे आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पूरी तरह से खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं, इसलिए उन्हें केंद्र में भी वही अधिकार मिलना चाहिए जो राजस्थान के बाकी 30 जिलों के जाट समाज को प्राप्त है। इसी विसंगति को दूर करने के लिए यह 3 साल से अधिक समय से बड़ा आंदोलन चल रहा है।

रैली में होगा 'शक्ति प्रदर्शन'!

जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, भरतपुर के प्रसिद्ध 'नुमाइश मैदान' में इस महारैली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 22 जून 2026, सोमवार सुबह 11:15 बजे से रैली की कार्यवाही और वक्ताओं के संबोधन आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएंगे। नुमाइश मैदान में हजारों लोगों के बैठने के लिए वाटरप्रूफ टेंट और मंच का निर्माण किया गया है। भीषण गर्मी को देखते हुए संघर्ष समिति द्वारा पूरे मैदान में ठंडे पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यापक व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था: भारी पुलिस बल तैनात

तीन जिलों के हजारों युवाओं के जुटने की संभावना को देखते हुए भरतपुर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने नुमाइश मैदान के चारों तरफ भारी पुलिस बल तैनात किया है। यातायात को सुचारू रखने के लिए शहर के मुख्य मार्गों पर रूट डायवर्जन भी लागू किया गया है।

एक जाजम पर नजर आएंगे कई नेता

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरएलपी सांसद बेनीवाल की मौजूदगी से पूर्वी राजस्थान (भरतपुर संभाग) में जाट समाज के युवाओं का जोश दोगुना हो जाएगा, जिससे केंद्र सरकार पर इस लंबित मांग को जल्द पूरा करने का प्रशासनिक दबाव काफी हद तक बढ़ जाएगा। बेनीवाल के अलावा इस हुंकार रैली में कई अन्य किसान नेता, खाप पंचायतों के चौधरी और सामाजिक संगठन भी एक जाजम पर नजर आने वाले हैं।

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