
Bharatpur News : भरतपुर. एसपी सिंह उर्फ भोले बाबा से भरतपुर व डीग जिले में कोई अनजान नहीं है, क्योंकि वर्ष में दो बार उनके कार्यक्रम यहां होते रहे हैं। एससी समुदाय के श्रद्धालु सर्वाधिक संख्या में उनसे जुड़े हुए हैं। भरतपुर व डीग जिले में भी वर्ष में एक-दो बड़े कार्यक्रम होते हैं। कार्यक्रम ज्यादातर मुख्य मार्गों के किनारे खेतों में ही होते हैं ताकि लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं का बैठक का इंतजाम हो सके। बाकी कार्यक्रम में एक लाख श्रद्धालुओं का आना आम बात है। हाल में ही आठ फरवरी 2024 को भी भरतपुर जिले के रूपवास में कार्यक्रम हुआ था।
इसके अलवा भोले बाबा के खिलाफ कोरोनाकाल में एफआइआर भी दर्ज हुई थी। एसपी सिंह उर्फ भोले बाबा, नगर थाने के एक एएसआई समेत 150 लोगों के खिलाफ 11 जून 2020 को मथुरा गेट थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। मामला यह था कि भोले बाबा थाना इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए आए थे, जहां उनके समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। वे सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं कर रहे थे। इस पर पुलिस अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे और लोगों की समझाइश की, लेकिन वे अपनी मनमानी करते रहे।
अव्यवस्थाओं को बताया हादसे का जिम्मेदार
सत्संग स्थल पर जो व्यवस्था की गई थी, उससे कई गुना ज्यादा लोगों के पहुंचने के कारण हाथरस में सत्संग के दौरान सैकड़ों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। क्योंकि आयोजन स्थल पर अव्यवस्थाओं का आलम था। गुड्डी ने बताया कि भीड़ ज्यादा होने के कारण पांडाल में जगह कम पडऩे पर लोग दलदल भरे मैदान में बैठने को मजबूर थे। वही दलदल लोगों की मौत का कारण बन गया।
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इधर, सुल्तान सिंह ने बताया कि हादसे के दौरान सत्संग स्थल पर ही था। भोले बाबा निकल गए थे। उसके बाद कुछ महिलाओं में सड़क को छूने की होड़ मच गई। वहीं पास में कीचड़ हो रही थी। उसमें महिलाएं गिर गई। पांडाल के पास दलदल था। काफी संख्या में श्रद्धालु इसमें गिर गए।
Published on:
04 Jul 2024 09:00 pm
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