मेयर बोले: 27 को चंडीगढ़ जाएंगे पार्षद, इधर पार्षदों का इंकार

-ज्यादातर पार्षदों के स्वीकृति देने का दावा

By: Meghshyam Parashar

Published: 24 Jul 2021, 10:49 AM IST

भरतपुर. करीब साढ़े 18 करोड़ रुपए से शहर की सफाई व्यवस्था का ठेका एक निजी कंपनी को देने का विवाद अब नए मोड पर आ गया है। जहां नगर निगम के मेयर अभिजीत कुमार ने दावा किया है कि 27 जुलाई को पार्षद चंडीगढ़ जाएंगे। ज्यादातर पार्षद स्वीकृति दे चुके हैं और महिला पार्षद नहीं जाएंगी। जब इस बारे में विरोध कर रहे पांच पार्षदों से बात की तो उन्होंने इंकार कर दिया।
जानकारी के अनुसार 25 जून को हुई नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में प्रस्ताव संख्या 69 पर भरतपुर शहर की चयनित मुख्य सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग, डोर टू डोर कचरा संग्रह और परिवहन कार्य एवं 40 वार्डों की मैनुअल स्वीपिंग की डीपीआर स्वीकृति करने एवं उक्त कार्य पर तीन वर्षों में होने वाले 60.46 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति पर विचार को शामिल किया गया था। इसमें तय हुआ था कि 21 सदस्यीय कमेटी बनाकर जल्द ही कंपनी का काम देखने जाएंगे। उसके बाद रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। विरोध कर रहे पार्षदों का कहना है कि जब कमेटी का ही गठन नहीं हुआ है तो वह किसी भी कीमत पर चंडीगढ़ नहीं जाएंगे। वहीं नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष कपिल फौजदार ने बयान जारी किया है कि नगर निगम की साधारण सभा की बैठक के प्रस्ताव संख्या 69 मेकेनाइज एवं डोर टू डोर सफाई व्यवस्था प्रस्ताव बोर्ड में रखा गया था। पार्षदों की रायशुमारी के जिसका निर्णय बोर्ड में यह लिया गया था कि 21 सदस्य की कमेटी गठित की जाएगी और भरतपुर शहर के समतुल्य शहर में जहां कंपनी सफाई कार्य करा रही है उस शहर का भ्रमण किया जाएगा। वह निर्णय लेगी, लेकिन मेयर की ओर से आज तक 21 सदस्य कमेटी गठित नहीं की गई है। अगर समय अनुसार 21 सदस्य कमेटी गठित नहीं की गई तो मैकेनाइज सफाई व्यवस्था के विरोधी पार्षद सफाई व्यवस्था भ्रमण जाने का बहिष्कार करेंगे।

विरोध करने वाले पार्षदों में लगाई सेंध

सूत्रों ने बताया कि मेयर गुट की ओर से सफाई व्यवस्था के नए ठेके को कराने के लिए पूरी तैयारी की जा चुकी है। इसमें तर्क के साथ विरोध कर रहे कुछ पार्षदों को समझाया भी गया है। विरोधी गुट ने 40 पार्षदों के शामिल होने का दावा किया था, इसमें कुछ पार्षदों को चंडीगढ़ जाने के लिए तैयार कर लिया गया है। हालांकि नगर निगम की ओर से भ्रमण का व्यय उठाने के लिए स्वायत्त शासन विभाग को भी पत्र लिखा गया है। हालांकि अभी तक स्वीकृति नहीं आई है।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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