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खोखले पहाड़, फिर भी वैध खनन की दहाड़…

- खनिज विभाग का दावा वैध लीज में थीं मशीन, विस्फोटक सामग्री मिलने का दावा भी झुठलाया, मजदूर की मौत की तरह सांसद के दौरे को भी सरकारी मशीनरी ने उलझाया, सांसद लगा चुकी कामां विधायक जाहिदा खान पर खननमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

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खोखले पहाड़, फिर भी वैध खनन की दहाड़...

खोखले पहाड़, फिर भी वैध खनन की दहाड़...

भरतपुर/पहाड़ी . पाताल तक खुदाई की दुहाही दे रहे पहाड़ों की पीर पर्वत सरीखी हो गई है। गहरी खुदाई से पहाड़ों के नीचे से पानी तक निकल आया है, लेकिन वैध-अवैध पर रार थमने का नाम नहीं ले रही है। पहले मजदूर की मौत के मामले में प्रशासन और खनिज विभाग में झूठ-सच के दावे हुए। अब सांसद रंजीता कोली की गाड़ी पर पथराव का मामला भी खनिज विभाग ने वैध-अवैध में उलझा दिया है। हालांकि वैध के बीच अवैध खनन की सच्चाई किसी से छिपी नहीं है, लेकिन यह सच रसूखदारों के दवाब में दम तोड़ता नजर आ रहा है।
नांगल क्रशर जोन में अवैध खनन की शिकायत पर रविवार को गुपचुप दौरा करने पहुंची सांसद रंजीता कोली की गाड़ी पर पथराव का मामला भी वैध-अवैध खनन के झमेले में फंसा नजर आ रहा है। सांसद ने दौरे के बाद इलाके में बड़े पैमाने पर संगठित रूप से अवैध खनन होने का दावा किया है। वहीं खनिज विभाग के अफसरों ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि सांसद को जो मशीनें मिलीं वह वैध खनन इलाके में थी। अधिकारियों ने रिपोर्ट में यह भी दावा किया है कि वहां कोई अवैध विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। सामाजिक कार्यकर्ता विजय मिश्रा व अन्य लोगों की शिकायत पर सांसद कोली ने खनन इलाके का दौरा किया था। इस दौरान उनके काफिले पर नांगल इलाके में पथराव कर दिया। इससे पहले उनके काफिले को आगे बढऩे से रोकने के लिए खनन में लगे वाहनों को आड़ा-टेढ़ा खड़ा किया गया था।

कामां विधायक पर संरक्षण देने का आरोप

सांसद कोली ने कामां विधायक जाहिदा खान पर अवैध खनन को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। सांसद का आरोप है कि खनन माफिया ने वैध खनन की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर खनिज सम्पदा खोद डाली है। सांसद ने नियम विरुद्ध खनन कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर सवाल उठाते हुए इसे रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात कही है, लेकिन उनके इन दावों को प्रशासन झुठलाने में लगा है। सांसद ने दौरे के बाद जो भी दावे किए, उनमें से किसी भी दावे को अधिकारी मानने को तैयार नहीं। इस प्रकरण में मौका स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर एसएमई व जिला कलेक्टर को भेजे जाने का हवाला दिया जा रहा है।

निगरानी को पुलिस बल रहा तैनात

रविवार को सांसद रंजीता कोली के काफिले पर पथराव के बाद मौके पर रातभर मशीनों की निगरानी के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। यहां दो जेसीबी एवं दो ड्रिल मशीनों को पुलिस की निगरानी में रखा गया। रविवार रात व सोमवार को खनिज विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मौका स्थिति देखी। डीग के एएसपी रघुवीर सिंह कविया एवं सीओ प्रदीप कुमार यादव ने पहाड़ी पहुंचकर मामले की जानकारी ली है।

निष्पक्ष जांच खोल सकती है कलई

नांगल जोन में वैध की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता आ रहा है। सरकारी सिस्टम भले ही इस बात को स्वीकार न करे, लेकिन सच यह है कि यहां अवैध खनन वर्षों से चल रहा है। इसमें कहीं न कहीं सरकारी सिस्टम भी लिप्त नजर आ रहा है। यदि इस पूरे इलाके में खनन की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो यह सच सामने आ सकता है। आलम यह है कि पर्यावरण संरक्षण के नियमों को ताक पर रखकर पूरे इलाके को बीमारियों की तरफ झोंका जा रहा है। खनन एरिया में असुरक्षित खनन कार्य के कारण आए दिन होने वाली प्रवासी मजदूरों की मौत के मामले भी सौदेबाजी तक सिमटकर रह गए हैं। खसरा नंबर 162 में वैध लीजों के बीच खाली प्लॉटों की जांच कोई नहीं कराना चाहता। हर बार इस मामले को वैध-अवैध के झमेले में उलझा दिया जाता है।

सांसद की रिपोर्ट पर जांच बाकी

अवैध खनन की शिकायत पर पहुंची सांसद के काफिले पर पथराव के मामले में सांसद ने पहाड़ी में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें आड़े-तिरछे वाहन खड़ा कर रास्ता रोकने एवं गाड़ी पर पथराव करने का आरोप लगाया है। इस मामले का खुलासा पुलिस जांच में होगा।

वैध लीज में थी मशीन

मामले को लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। रविवार रात को ही मौका मुआयना कर जो स्थिति सामने आई, उसके हिसाब से चारों मशीनें वैध लीज में खड़ी मिली हैं। कोई विस्फोटक सामग्री भी नहीं मिली। जीपीएस के आधार पर जांच की गई, जिसमें 373/07 लीज में चारों मशीनें मिली है। यह वैध लीज का हिस्सा हैं और एक ही व्यक्ति के नाम हैं। आवंटित लीजों के बीच में खाली पड़े प्लॉटों में भी फिलहाल कोई ताजा खनन के निशान नहीं मिले हैं।

- रामनिवास मंगल, एमई खनिज विभाग

यह बोले पूर्व प्रधान

कामां विधायक के पति पूर्व प्रधान जलीश खान ने कहा कि लीगल-अनलीगल खान को माइनिंग सर्वेयर ही बता सकता है। सांसद के पास ऐसा कौन सा यंत्र था जो उन्होंने वैध-अवैध का पता लगा लिया। यह सब झूठ है। सांसद नाटक कर रही है।