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कोरोना से बचना है तो करना होगा यह काम…

-जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में आयुष पोस्ट कोविड सेंटर का उद्घाटन

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कोरोना से बचना है तो करना होगा यह काम...

कोरोना से बचना है तो करना होगा यह काम...

भरतपुर. चिकित्सा के लिए आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग की ओर से कोविड-19 महामारी से पीडि़तों के लिए जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में आयुष पोस्ट कोविड सेंटर का उदघाटन जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने फीता काटकर तथा आयुर्वेद पद्धति के जनक धनवन्तरी भगवान के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने अपने उदबोधन में कहा कि कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद लोगों में जो परेशानियां देखी जा रही हैं उनसे निपटने में सभी पद्धतियों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कोविड-19 में आयुर्वेद विभाग की सेवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि कोरोना काल में जब सभी लोग भय और तनाव में थे, उस समय विभाग की ओर से कोरोना वारियर्स आमजन को घर-घर जाकर इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए काढ़ा पिलाया और संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु आमजन को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अतिथियों का स्वागत एवं आभार उप निदेशक डॉ. निरंजन सिंह ने किया। कार्यक्रम समन्वयक एवं यूनिट प्रभारी डॉ. चन्द्रप्रकाश दीक्षित ने आयुष पोस्ट कोविड सेंटर की उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस सेंटर में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. चन्द्रप्रकाश दीक्षित, डॉ. कुलदीप शर्मा, डॉ. एकता अग्रवाल, डॉ. कृपाल सिंह की ओर से सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक नियमित रूप से सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इस अवसर पर पोस्ट कोविड लक्षणों की पहचान, बचाव एवं खानपान के साथ साथ लाभकारी, योग, व्यायाम की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही आयुर्वेद विभाग की ओर से विशेष जानकारी के लिए जारी किए गए पंफलेट का विमोचन किया गया। पोस्ट कोविड यूनिट के इंचार्ज डॉ. चन्द्रप्रकाश दीक्षित ने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण से मुक्त हुए लोगों को भ्रम, अनिद्रा, शरीर के विभिन्न अंगों में दर्द, खांसी, गले में खरास, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, मूत्र विकार, भूख कम लगना, विभिन्न प्रकार की पेट की परेशानियां आदि से संबंधित रोगों से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। संचालन डॉ. सुशील पाराशर ने किया एवं आभार सहायक निदेशक डॉ. हरीश चौधरी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर उदघाटन कार्यक्रम सहायक निदेशक संजीव तिवारी, रसायनशाला प्रबन्धक डॉ. सुशील पाराशर, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज तिवारी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. भगवान सिंह सोगरवाल, डॉ. महेश लवानियां, डॉ. शैलेष, डॉ. इन्दु शर्मा, डॉ. वीरेन्द्र सिंह, डॉ. परमानंद, मेलनर्स दिनेश शर्मा, नरेन्द्र सिंह, बलराम शर्मा, कृष्ण पूजन, रूप सिंह, किशन पाल, प्रदीप गर्ग आदि उपस्थित थे।