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अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं, होगी सख्त कार्रवाई- प्रशिक्षु आईपीएस

रुदावल पुलिस थाने पर तैनात किए गए प्रशिक्षु आईपीएस सुमित ने गुरुवार शाम सीएलजी सदस्य एवं आंगन संस्था से जुड़ी महिला सदस्यों की बैटक ली।

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अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं, होगी सख्त कार्रवाई- प्रशिक्षु आईपीएस

अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं, होगी सख्त कार्रवाई- प्रशिक्षु आईपीएस

भरतपुर. रुदावल पुलिस थाने पर तैनात किए गए प्रशिक्षु आईपीएस सुमित ने गुरुवार शाम सीएलजी सदस्य एवं आंगन संस्था से जुड़ी महिला सदस्यों की बैटक ली। सदस्यों से ग्राम व क्षेत्र की जानकारी कर समस्याओं की जानकारी ली। बैठक में मुख्य रुप से अवैध खनन, जुआ-सट्टा एवं अवैध शराब बिक्री के मामले उठे। जिस पर प्रशिक्षु आईपीएस ने स्पष्ट किया कि अवैध मामलों में लिप्त किसी को बक्शा नहीं जाएगा और किसी भी वैध मामले को छेड़ा नहीं जाएगा। बैठक में महिलाओं ने आंगनबाड़ी केन्द्र खुलवाने, विद्यालय बंद होने पर बच्चों के फालतू घूमने के मामले उठाएं। जिस पर उन्होंने सम्बंधित को अवगत कराकर समस्या का निराकरण कराने का भरोसा दिलाया। सदस्यों ने रुदावल सीएचसी पर मोर्चरी की कमी, हनुमान मंदिर गौरवपथ पर भारी वाहनों का संचालन बंद कराने, बैंक एवं मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने जैसे मुद्दे रखे। जोतरोली के पूर्व सरपंच श्यामसिंह ने अवैध खनन एवं अवैध ब्लास्टिंग से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। जिस पर उन्होंने एक दो दिन में कार्रवाई का भरोसा दिलाया। आईपीएस ने सदस्यों को अपना मोबाइल नम्बर देते हुए क्षेत्र में किसी प्रकार के अवैध कारोबार एवं समाजकंटकों की सूचना देने का आह्वान किया। वहीं प्रत्येक गांव की सूची बनाने का प्रस्ताव रखा जिसमें भविष्य में आपसी रंजिश के चलते बड़ा झगड़ा होने की सम्भावना हो। बैठक में आईपीएस ने सभी मुद्दों पर एक सप्ताह में कार्रवाई कराने एवं आगामी एक पखवाड़े बाद पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक रखने की बात भी कही।


बेसहारा बच्चों को जर्सी व स्टेशनरी बांटी

भरतपुर: स्वास्थ्य मंदिर संस्थान की ओर से गुरुवार को गरीब व बेसहारा बच्चो को जर्सी, टोपा, जूता, स्टेशनरी दी गई। जिसे पाकर बच्चे खुश दिखाई दिए। परियोजना अधिकारी डॉ. सोनिया शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य मंदिर द्वारा ऐसे 38 बच्चो गोद लिया गया है जो की कचरा बीनने या भीख मांगने को ही अपना जीवन समझते हैं। जब इन बच्चो को इस प्रकल्प में शामिल किया गया तब से इन बच्चों में व इनके माता पिता मे उम्मीद जगी है कि शिक्षा से जीवन बदल सकता है।