अवैध खनन माना...लेकिन चुप्पी में बड़ा राज

-गाधानेर के चारागाह के पहाड़ में अवैध का मामला

By: Meghshyam Parashar

Updated: 22 Jan 2021, 06:10 PM IST

भरतपुर/पहाड़ी. गांव गाधानेर के (कोचरा) प्रतिबंधित पहाड़ में अवैध विस्फोट की जानकारी होने के पुष्टि के बाद भी पुलिस आरोपियों की जानकारी जुटाने व कार्रवाही करने में ढिलाई बरत रही है। उधर, खनन माफियाओं ने पहाड़ काट कर हरियाणा में चोरी से पत्थर निकासी व फरारी का रास्ता सुगम कर लिया है। गत माह पहाड़ी पुलिस ने अवैध खनन रोकने के लिए रास्ते काटे थे। सवाल यह है कि आखिर किसने रास्ता भरकर प्रतिबंंिधत पहाड़ में खनन का कारोबार शुरू कर दिया। खनन माफिया ने पहाड़ को आरपार काट कर फरारी का रास्ता सुगम कर लिया है। यदि हरियाणा की तरफ से तो कभी राजस्थान में कार्रवाही तो हरियाणा में छिपने का रास्ता सुगम हो गया है। वहीं खनन माफिया ने हरियाणा में स्थित क्रशरों पर अवैध पत्थर पहुंचाने का लम्बा व कठिन मार्ग नजदीक कर लिया है। सूत्रों की मानें तो अवैध खनन का यह पत्थर हरियाणा सीमा व समीप में लगी क्रशरों पर अधिकांश पत्थर चोरी का जाता है। इसमें कोई क्रशर संचालक से लेकर पुलिस व खनिज विभाग की मिलीभगत सामने आ रहीहै। यह सब खेल रसूखदारों के प्रभाव से जुड़ा हुआ है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने 21 जनवरी के अंक में चारागाह के जिस पहाड़ में विभाग बता रहा अवैध खनन बंद, वहां पर मिला अवैध विस्फोटक शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था।

इधर, रास्तों के नाम पर रंगदारी का खेल, एसपी से भी शिकायत

मेवात में रसूखदारों व दबगों की दबंगई के आगे पुलिस ने घुटने टेक दिए है। कामां सर्किल के थाने में पीडि़तों की मदद के स्थान पर तिरस्कार मिल रहा है। नांगल, छपरा, विजासना, पापड़ा आदि पहाड़ों पर कभी रास्तों के नाम पर तो कभी रंगदारी के नाम पर विवाद सामने आते रहे हैं। इसी तरह का मामला गत कई माह से छपरा में संचालित एक क्रशर व्यापारी व समाजकंटकों के बीच घमासान जारी है। मामला व्यापारियों की ओर से दबंगों को रंगदारी नहीं देने जुड़ा हुआ है। इसको लेकर समय-समय पर थाने मे नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उसके बाद भी आरोपी खुले में घमकी देते घूम रहे हंै। आए दिन क्रशर बंद कराने व खनन सामग्री से भरे डंपरों की राह रोकने, कर्मचारियों को पीने के पानी तक पर रोक लगा देने के मामले सामने आ रहे है। इसकी शिकायत पुलिस के डीजी से लेकर सीएमओ तक पहुंच गई है। इसके बाद पुलिस के आलाधिकारियों के निर्देश पर दो पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए है। उसके बाद भी समाज कंटक रास्ता रोके हुए हैं। अंशुल कुमार चावला का कहना है कि छपरा मे स्थित क्रशर पर दो पुलिस कर्मी तैनात है। उनके सामने समाजकंटक आकर क्रशर बंद कराने कीधमकी देकर जा रहे है। यहां तक कि तीन दिन से क्रशर से खनन सामग्री खरीदकर ले जा रहे वाहनों के चालकों को रोककर परेशान व तंग किया जा रहा है। कई दिन से दबंगों ने पीने के पानी की राह रोक दी है। पुलिस सूचना के बाद कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

-पता करता हूं। थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है या जांच चल रही है। स्वयं मॉनीटरिंग जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। पुलिस का काम कानून व्यवस्था बनाए रखना है। यदि खनिज विभाग कार्रवाही करता है तो पुलिस साथ देती है।
प्रदीप कुमार यादव
सीओ कामां सर्किल

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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