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इंस्पायर अवार्ड : योजना से इंस्पायर नहीं हो रहे स्कूल, कैसे मिलेंगे भावी वैज्ञानिक

विद्यार्थियों के वैज्ञानिक विचारों को निकलवा पाने में असफल हो रहे स्कूल, भरतपुर जिले से 272 स्कूलों ने ही किए आइडिया अपलोड

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इंस्पायर अवार्ड : योजना से इंस्पायर नहीं हो रहे स्कूल, कैसे मिलेंगे भावी वैज्ञानिक

इंस्पायर अवार्ड : योजना से इंस्पायर नहीं हो रहे स्कूल, कैसे मिलेंगे भावी वैज्ञानिक

डीग. देश की बाल प्रतिभाओं की सृजनात्मक व नवाचार सोच को राष्ट्रीय पटल पर पर पहचान देने वाली महती योजना इंस्पायर अवार्ड जिले के स्कूलों के संस्था प्रधानों को इंस्पायर नहीं कर पा रही है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा संचालित इंस्पायर अवार्ड योजना में निजी व सरकारी स्कूलों के रूचि नहीं लेने से भावी वैज्ञानिक को संबल मिलना असंभव सा नजर आ रहा है। गत वर्ष 2021-22 अंतर्गत इस योजना में भरतपुर जिले का शानदार प्रदर्शन रहा है।
जिले के सरकारी एंव निजी करीब दो हजार स्कूलों से इसके लिए आवेदन किया जाना है, लेकिन एक माह से अधिक का समय निकलने के बाद भी मात्र 272 स्कूलों से 1324 आवेदन ही ऑनलाइन जमा हुए हैं। अगर समय रहते आवेदन नहीं हुए तो बाल प्रतिभाएं पुरस्कार से वंचित रह जाएंगी। उल्लेखनीय है कि सत्र 2021-22 में जिले से 7 हजार 731 आवेदन ऑनलाइन किए गए थे। जिनमें से 398 आवेदनों का चयन राज्य स्तर के लिए हुआ था।
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में ई-एमआईएएस पोर्टल पर कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों के ऑनलाइन नॉमिनेशन होने हैं। यह प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 30 सितंबर तक चलेगी। ऐसे में अब एक माह से अधिक का समय व्यतीत हो चुका है, लेकिन सरकारी व निजी विद्यालयों की अब तक रुचि नजर नहीं आ रही। योजना के तहत पूरे देश की पांच लाख प्रतिभाओं को पुरस्कार मिलेगा। उक्त पुरस्कार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन गुजरात की ओर से दिया जाएगा। पुरस्कार के तहत चयनित बच्चों को दस हजार रुपए का ईनाम मिलेगा।


ऑनलाइन आवेदन में पिछड़ रहा जिला, 272 स्कूलों ने ही दिखाई रूचि


इंस्पायर अवार्ड के लिए आवेदन ऑनलाइन करना होगा। आवेदन संस्था प्रधान के मार्फत करना होगा, जिसमें माध्यमिक शिक्षा बोर्ड व केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबंधित विद्यालयों के विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। संस्था प्रधानों को सर्वश्रेष्ठ पांच नवाचार सोच वाले विद्यार्थियों का नोमिनेशन अनिवार्य रूप से करना होगा। ऐसे में जिले में करीब एक हजार से अधिक स्कूल इस श्रेणी में आते हैं जिनको आवेदन करना है लेकिन अब तक मात्र 272 स्कूलों से 1324 आवेदन ही ऑनलाइन हुए हैं। जिनमें बयाना के 28, भरतपुर के 37, डीग के 24, कांमा के 11, कुम्हेर के 23, नदबई के 35, नगर के 56, पहाडी के 12, रूपवास के 19, वैर के 27 स्कूल शामिल है।


गत वर्ष प्रदेश के 10019 बाल वैज्ञानिकों के आइडिया हुए थे सलेक्ट


सत्र 2021-22 में केन्द्रीय विज्ञान व प्रोद्योगिकी विभाग ने इंस्पायर अवार्ड के लिए देश भर से 24 अक्टूबर 2021 तक आइडिया नामांकित किए गए थे। इसमें प्रदेश के 33 जिलों से 1 लाख 76 हजार 324 विद्यार्थियों ने आवेदन किए थे। इनमें से प्रदेश के 10019 बाल वैज्ञानिकों के आइडिया सलेक्ट किए गए। आंकडों में भरतपुर जिले से 398 आइडिया सलेक्ट हुए थे। वहीं सबसे ज्यादा जयपुर जिले से सर्वाधिक 993 आइडिया सलेक्ट हुए। इसके बाद अलवर से 620 और झु्ंझ़ुनूं से 561 बाल वैज्ञानिक चुने गए थे।


इनका कहना है
योजना की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। संस्था प्रधानों को बार-बार निर्देश दे रहे हैं। इंस्पायर अवार्ड में पिछली बार जिले का अच्छा प्रदर्शन रहा है। इस बार और बेहतर करेंगे।
-श्यामसिंह सागर, एडीईओ मुख्यालय भरतपुर

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