
यूडी टैक्स को लेकर इन मुद्दों पर बनी सहमति
भरतपुर. यूडी टैक्स को लेकर पिछले लम्बे समय से चल रहा विवाद अब कुछ थमता नजर आ रहा है। नगर निगम व व्यापारियों के बीच मंगलवार को कुछ मुद्दों को लेकर सहमति बनी है। जिसमें बताया गया कि वर्ष 2007 की बजाय अब 2016-17 से लेकर 2023-24 तक का टैक्स कानून के तहत जमा कराना होगा। जिसपर महिलाओं को 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इस मुद्दे पर स्वायत्त शासन विभाग से पत्र लिखकर मार्गदर्शन लिया जाएगा।
महापौर अभिजीत कुमार व व्यापारियों के बीच मंगलवार को नगर निगम में यूडी टैक्स की विसंगतियों को लेकर चर्चा की गई। जिसमें महापौर ने संवाददाताओं को बताया कि गत कुछ माह से यूडी टैक्स की गणना एवं उसमें व्याप्त विसंगतियों को लेकर भरतपुर जिला व्यापार संघ की ओर से अपना विरोध किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि जो विसंगतियां पैदा हुई हैं। वह जैसे-जैसे संज्ञान में आएंगी, वैसे-वैसे सुधार किया जाएगा। कुछ मुद्दों को नगर निगम स्तर पर सुलझाने का प्रयास किया जाएगा तो कुछ मुद्दों को सरकार स्तर पर सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने डीएलबी को पत्र भेजे हैं, जो डीएलबी में विचाराधीन हैं। लेकिन इन कारणों से भरतपुर का विकास अवरुद्ध नहीं हो, इसके लिए व्यापार संघ को भी अवगत कराया गया। व्यापार संघ चाहता है कि टैक्स की सही प्रकार से गणना करके एवं विसंगतियों को दूर करते हुए विधि अनुसार टैक्स की वसूली की जाए। इस संदर्भ में जो नगर निगम के क्षेत्र में आता है उन पर लगभग आम सहमति बन गई है, लेकिन जो विसंगतियां राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र की है, उनके लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा गया है। साथ ही स्थानीय विधायक व मंत्री सुभाष गर्ग को भी प्रेषित कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
‘विधि संगत टैक्स होना चाहिए, लूट वाला नहीं’
भरतपुर जिला व्यापार महासंघ के अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने बताया कि यूडी टैक्स को लेकर आपसी सहमति बनी है। कानून के तहत टैक्स जमा कराया जाएगा। कुछ मुद्दे राज्य सरकार से संबंधित हैं, जिनके लिए संघर्ष जारी रहेगा। विधि संगत टैक्स होना चाहिए, लूट वाला नहीं।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
प्रेसवार्ता के दौरान महापौर ने बताया कि इस महीने के लास्ट वीक से मैरिज होमों की पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस पर व्यापारियों का कहना था कि मैरिज होमों का पंजीयन कराना गलत है। जब एक बार लाइसेंस मिल चुका है तो बार-बार पंजीयन करना जरुरी नहीं है। क्योंकि इस प्रक्रिया में फायर एनओसी से लेकर पूरी प्रक्रिया में लम्बा समय लगता है। प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए, जिससे पूरी प्रक्रिया हो सके। गुप्ता ने सवाल उठाते हुए कहा कि कलक्ट्रेट व सरकारी ऑफिस में फायर एनओसी है क्या? पहले घर में सुधार करना चाहिए।
Published on:
08 Aug 2023 09:32 pm
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