मेयर: थर्ड पार्टी से कराई जाए पांच लाख रुपए से अधिक के निर्माण कार्यों की जांच

-पार्षद से अभद्रता के मामले में विरोध, इधर, मेयर ने आयुक्त के पास एक और यू-नोट, पार्षद की शिकायत पर मामला दर्ज

By: Meghshyam Parashar

Published: 26 Oct 2020, 08:46 PM IST

भरतपुर. नगर निगम में पार्षद के साथ कथित अभद्रता के बाद बढ़ता जा रहा विवाद अब भी शांत नहीं हो सका है। जहां कुछ पार्षद हर दिन बैठक कर व ज्ञापन देकर विरोध व्यक्त कर रहे हैं तो वहीं मेयर व आयुक्त के बीच चल रही खींचतान का भी असर देखा जा रहा है। सोमवार को मेयर अभिजीत कुमार ने आयुक्त के पास एक और यू-नोट भेज दिया। इससे जहां ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है तो वहीं इस यू-नोट को ठेकेदार के बयान के विरोध में देखा जा रहा है। चूंकि एक दिन पहले ही नगर निगम ठेकेदार संघ के अध्यक्ष दीपेंद्र शर्मा व महासचिव महेश चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मेयर के आरोप का विरोध व्यक्त किया था। उल्लेखनीय है कि पार्षद नरेश जाटव ने आयुक्त पर अभद्रता करने व जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने की तहरीर मथुरा गेट थाने में दी थी। जबकि आयुक्त ने पार्षद नरेश जाटव, पार्षद रेनू गौरावर के पुत्र व सुधांशु गौड़ के खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने की रिपोर्ट दी थी। हालांकि देर शाम पार्षद नरेश जाटव की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया, लेकिन आयुक्त के परिवाद को जांच में रखा गया है। इसके बाद जहां आयुक्त ने एसीबी से जांच कराने के लिए हां कह दिया था तो मेयर ने एसीबी से जांच कराने के लिए प्रकरणों का प्रस्ताव भेज दिया था।
मेयर ने बताया कि नगर निगम में कुछ संवेदकों के परिजन, रिश्तेदारों के नाम से संविदा में भाग लेकर नियम विरुद्ध प्रक्रिया अपनाते हुए कार्य कर रहे हैं। जबकि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 के अनुसार निगम का लोकसेवक निगम की किसी संविदा से हित नहीं रखने के लिए बाध्य है। अधिनियम की धारा 65, 65 के तहत ऐसे लोक सेवक जो कि निगम की संविदाओं में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंध रख रहे हैं उनके खिलाफ निगम स्तर पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे लोकसेवक निगम में अधिकारों का दुरुपयोग कर आर्थिक क्षति पहुंचा रहे हैं। यू-नोट से आयुक्त को ऐसे लोक सेवकों के नाम, परिजन व रिश्तेदारों के नाम से जो भी संविदा में हित रखते हैं उनके नाम पद, संस्था का नाम, पंजीकरण संख्या आदि का विवरण तीन दिन में प्रेषित करने के लिए कहा गया है। मेयर ने कहा कि शहर की जागरूक जनता भी संवेदकों व खराब काम की शिकायत मय दस्तावेज प्रमाण बंद लिफाफे में शिकायत कर सकते हैं। उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इसके अलावा कुछ वार्डों में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर मौखिक शिकायत आ रही हैं। प्रत्येक कार्यस्थल पर कार्य का नाम, स्वीकृत राशि, गारंटी पीरियड, संवेदक का नाम व मोबाइल नंबर, जेईएन, एईएन एवं एक्सईएन का नाम व मोबाइल नंबर, कार्य प्रारंभ तिथि व समाप्त होने की तारीख अंकित की जाए। कुछ संवेदकों की ओर से 30 से 40 प्रतिशत बिलो दर पर भी कार्य लिए जा रहे हैं। इस प्रकार के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वभाविक है। ऐसे में पांच लाख रुपए से अधिक के कार्यों की जांच थर्ड पार्टी से कराई जाए। वहीं दूसरी ओर पार्षद विष्णु मितल की अध्यक्षता में पार्षदों की बैठक नेहरू पार्क में हुई। साथ ही इस मामले को लेकर 27 अक्टूबर से आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक में एक दर्जन से अधिक पार्षद उपस्थित रहे।


-पार्षद नरेश जाटव की ओर से जो परिवाद पेश किया गया था। उस पर मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आयुक्त के परिवाद की जांच की जा रही है। जल्द उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।

लक्ष्मण सिंह
एसएचओ थाना मथुरा गेट


इधर, शहर में बंदरों का आतंक, विरोध में निगम के खिलाफ प्रदर्शन

भाजपा पार्षद कपिल फौजदार के नेतृत्व में शहर को बन्दर मुक्त बनाने की मांग को लेकर नगर निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। पार्षद कपिल फौजदार ने बताया कि अटल बंध मण्डी चौराहे पर बन्दरों के आतंक से परेशान होकर बच्चे, युवा वर्ग, बुजुर्ग व्यक्तियों के साथ मिलकर नगर निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बन्दरों का आतंक दिन व दिन शहर में बढता जा रहा है। बच्चे खेल नहीं सकते, बुजुर्ग व्यक्ति सड़कों पर होकर गुजर नहीं सकते, महिलाएं छत एवं बालकनी पर नहीं जा सकती, इससे नगर निगम की घोर लापरवाही जाहिर होती है। नगर निगम का बोर्ड बने लगभग एक वर्ष बीत चुका है। लेकिन इस गंभीर समस्या की तरफ नगर निगम का कोई ध्यान नहीं है। आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। बन्दरों को पकड़वाने के लिए नगर निगम को पूर्व में ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। इस मौके पर पुरषोत्तम अग्रवाल, सोहनवीर सीह, अशोक जैन, प्रकाशचन्द गुप्ता, रमनलाल शर्मा, लोकेश गोयल, सरपंच महेश वाल्मीकि, नरेश सैनी, बॉबी गोस्वामी, आकाश फौजदार, दीपक गोयनका, सचिन उपाध्याय, अशोक आदि उपस्थित थे।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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