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जनाना अस्पताल और ऐसा हाल…

-परिजन ले गए जयपुर

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जनाना अस्पताल और ऐसा हाल...

जनाना अस्पताल और ऐसा हाल...

भरतपुर. संभाग के जनाना अस्पताल की सारी चिकित्सा व्यवस्थाएं उस समय बौनी साबित हो गई, जब एक 45 दिन की मासूम बच्ची को अस्पताल में उचित उपचार और बेड नहीं मिल पाया। गंभीर रूप से बीमार बच्ची को पीआईसीयू में बेड उपलब्ध नहीं हो पाया। बाद में जब नर्सिंग स्टाफ ने जैसे तैसे करके उसे पीआईसीयू में भर्ती किया तो परिजनों को चिकित्सक के दुव्र्यवहार का भी सामना करना पड़ा। आखिर में परेशान परिजन मासूम बच्ची को रैफर करा के उपचार के लिए जयपुर रवाना हो गए।
जिले के बयाना क्षेत्र के नगला मेघ सिंह निवासी भागेश पत्नी तेज सिंह की 45 दिन की मासूम बच्ची की तबियत बिगडऩे पर उसे बुधवार को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे पीआईसीयू में भर्ती कराने की सलाह दी, लेकिन जब परिजन बच्ची को लेकर पीआईसीयू में भर्ती कराने पहुंचे तो वहां के सभी छह बेड फुल थे। ऐसे में नर्सिंग स्टाफ ने बच्ची की गंभीर हालत होने पर भी उसे सामान्य शिशु वार्ड में भर्ती कर दिया। बाद में परिजनों ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए नर्सिंग स्टाफ से गुहार लगाई तो नर्सिंग स्टाफ ने पीआईसीयू में ही मासूम बीमार बच्ची को जैसे तैसे करके भर्ती कर दिया। जैसे ही पीआईसीयू प्रभारी चिकित्सक को इस बात की जानकारी मिली तो वह मौके पर पहुंचे। जब बच्ची को पीआईसीयू वार्ड में देखा तो चिकित्सक ने नर्सिंग स्टाफ और परिजनों को डांट फटकार लगाना शुरू कर दिया। चिकित्सक के व्यवहार से नाखुश होकर और बच्ची को उचित उपचार नहीं मिलने पर परिजन जनाना अस्पताल से बेटी को रेफर करा कर जयपुर ले गए।

कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और अभद्रता...

हकीकत यह है कि जनाना और आरबीएम अस्पताल भ्रष्टाचार के गढ़ बन चुके हैं, यहां कुछ अधिकारी-कर्मचारियों के रवैये के कारण पूरे सिस्टम को बदनामी का दाग झेलना पड़ रहा है। पिछले दिनों प्रसूताओं के परिजनों से रिश्वत लेने का मामला हो या ऑपरेशन के नाम पर रिश्वत। या फिर कार्यरत डॉक्टरों के कमीशनखोरी के चलते केस निजी अस्पताल में भेजने का। हर दिन कोई न कोई विवाद सामने आता रहता है। परेशानी गरीब व जरुरतमंद मरीज के परिजनों को उठानी पड़ती है। जांच के नाम पर जिम्मेदार अधिकारी दोषियों को ही जांच का जिम्मा देते हैं। ऐसी बेशर्म व्यवस्था के कारण हालात और खराब होते जा रहे हैं।