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हौसला बड़ा रखें, बीमारी खुद छोटी हो जाएगी

- हेमराज ने जीती कोरोना से जंग

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हौसला बड़ा रखें, बीमारी खुद छोटी हो जाएगी

हौसला बड़ा रखें, बीमारी खुद छोटी हो जाएगी

भरतपुर. कोरोना का खौफ बड़ा है। ऐसे में हमें अपने हौसलों से इसे छोटा करना है। यदि हम मानसिक रूप से मजबूत होकर इस जंग को लड़ेंगे तो बीमारी खुद-ब-खुद छोटी हो जाएगी। सकारात्मकता इसमें सबसे बड़ा हथियार है। इसके जरिए हम हारी हुई बाजी को भी जीत सकते हैं। यह कहना है कोरोना को मात देने वाले हेमराज सिंह अजान का।
शहर के शिवनगर निवासी हेमराज बताते हैं कि सात मई को खांसी-जुकाम की शिकायत हुई। इसके बाद आठ को नमूना दिया, जो नौ मई को पॉजिटिव आया। यह सुकून को छीनने वाला था, लेकिन हिम्मत और हौसलों के साथ इस चुनौती को पार करने की ठान ली थी। इसके बाद घर में ही आइसोलेट होकर दवाओं का सेवन शुरू कर दिया। सिंह बताते हैं कि 11-12 मई तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन 12 से 17 मई के बीच बीमारी पूरी तरीके से हावी हो गई। एक बार तो नौबत भर्ती होने की आ गई, लेकिन साथीगण एवं परिजन हौसला बढ़ाते रहे। इस बीच मित्र राजेश मित्तल एडवोकेट ने काफी हौसला अफजाई की। इस बीच फोन के जरिए सभी सकारात्मक लोगों के सम्पर्क में रहा। वह मुझे हौसला देते रहे। इसका नतीजा यह रहा कि अब मैं पूर्ण रूप से स्वस्थ हूं। सिंह कहते हैं कि बीमारी तन को अस्वस्थ बनाती है, लेकिन इस बीच हमें मन को अस्वस्थ नहीं होने देना है। यदि मन अस्वस्थ किया तो बीमारी हावी हो जाएगी। बीमारी से जीतने के लिए हमें मन से स्वस्थ रहना चाहिए।

योग-प्राणायाम बने रहे संजीवनी

घर पर दवाओं का नियमित सेवन करने के साथ गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन किया। इसके बेहतर नतीजे यह रहे कि अन्य परिजन संक्रमित नहीं हो सके। सिंह बताते हैं कि इस बीच घर पर प्रतिदिन योग-प्राणायाम किया। यह संजीवनी सरीखा साबित हुआ। अनुलोम-विलोम के साथ अन्य व्यायामों को दिनचर्या में शामिल किया। साथ ही सकारात्मक सोच के साथ पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक भोजन लिया। इससे मैं स्वस्थता की ओर बढ़ता गया और यह जंग जीतने में कामयाब हो गया।