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भगवान के घर पर भूमाफिया की नजर

-आश्रम की जमीन पर कुदृष्टि, तोड़ी दीवार, पुजारी ने लगाई जान की सुरक्षा की गुहार, लेकिन प्रशासन सुन रहा है न पुलिस सुन रही पुकार

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भगवान के घर पर भूमाफिया की नजर

भगवान के घर पर भूमाफिया की नजर

भरतपुर. शहर में कीमती जमीनों पर जमी कुदृष्टि से अब धार्मिक स्थल भी महफूज नहीं हो पा रहे हैं। मंदिर श्री हनुमानजी महाराज ब्रह्मचारी बगीची आश्रम की जमीन पर भी कुछ रसूखदार अपनी नजर गढ़ाए हुए हैं। जमीन पर कब्जे की मंशा से हाल ही में आश्रम व मंदिर की नीमदा गेट बाहर नगर सुधार न्यास की ओर से बनाई गई पक्की दीवार को तोड़ दिया। साथ ही फाटक का ताला तोड़ डाला। इसको लेकर पुजारी ने नगर सुधार की सचिव से जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए ज्ञापन दिया है। यह ज्ञापन भले ही हाल में ही दिया है। इससे पहले भी कई बार पुजारी गुहार लगा चुका है, लेकिन प्रशासन सुन रहा है न पुलिस।
ज्ञापन में पुजारी बुद्धिराम ने कहा है कि मंदिर की आराजी खसरा नंबर 194 नया खसरा नंबर 366 रकबा 9 बीघा का है। पड़ोस में पुराना खसरा नंबर 255 नया खसरा नंबर 413 रकबा 2 बीघा 5 बिस्वा का चक नंबर एक है। इस पर हमेशा से मंदिर की देखरेख व कब्जा रहा है। बगल की खसरा नंबर की जमीन को स्वामित्व वालों ने भूखंड काटकर बेच दिया। इसके बाद नगर विकास न्यास ने आश्रम व बगीची की पोखर के खसरा नंबर की बाउंड्री वर्ष 2017 में कराकर दीवार बना दी। साथ ही दरवाजा बनाकर फाटक लगा दिया। इसको लेकर हाल में कुछ लोग लाठी-डंडा व हथियार लेकर आए और आते ही गाली-गलौच करते हुए बगीची से भगाने की धमकी देने लगे। साथ ही जान से मारने की धमकी दी। ज्ञापन में आरोप है कि यह लोग जमीनों पर कब्जा करते रहते हैं। हाल ही में 27 जनवरी को इन्होंने पक्की दीवार को तोड़कर कब्जे का प्रयास किया। इसकी रिपोर्ट भी उसी दिन कर दी गई, फिर भी यह लोग धमकी दे रहे हैं। ऐसे में मंदिर के पुजारी ने जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। ज्ञापन में कहा है कि ऐसे में कभी भी जनहानि हो सकती है। इसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ऐसे लोगों को भारी तादाद के जमानत मुचलकों से पाबंद करने की मांग की है।

रोका जाए अवैध कब्जा

ज्ञापन में कहा है कि आराजी खसरा नंबर 366 एवं 413 वाके नमी दरवाजा बाहर पर इन व्यक्तियों के अतिक्रमण व अवैध कब्जा से रोका जाए। इससे मंदिर श्रीहनुमानजी महाराज ब्रह्मचारी बगीची आश्रम व मंदिर से लगी सार्वजनिक पोखर की जमीन की सुरक्षा हो सके। साथ ही भजन व पूजा-पाठ में कोई व्यवधान न हो।

शहर में मंदिरों की जमीन तक बेच चुका माफिया

शहर व जिलेभर में मंदिर की जमीन पर कब्जा करने की मंशा का यह पहला मामला नहीं है। शहर में अरबों रुपए की धार्मिक जमीनों पर भूमाफियाओं की ओर से सालों पहले ही कब्जा कर विक्रय किया जा चुका है। ऐसा ही हाल डीग, कामां, नगर, वैर, भुसावर, बयाना समेत जिले के अन्य इलाकों का है। जहां कहीं देवस्थान विभाग में शिकायत होती है तो कभी प्रशासन के पास, लेकिन मामला नियमों की उलझन और अधिकारियों की लापरवाही के कारण भूमाफियाओं का सहयोग देता रहता है।