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कॉर्पोरेट नौकरी और शहर की लग्जरी लाइफ छोड़ जरूरतमंदों की सेवा करने राजखेड़ा पहुंची मालविका मुदगल

मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी करने के बाद मालविका मुदगल राजस्थान के बेहद पिछड़े इलाके चम्बल से सटे राजखेड़ा में जरूरतमंदों की सेवा में जुटी हैं।

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राजखेड़ा में बच्चों के बीच मालविका मुदगल.

करीब एक दशक तक दिल्ली की मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने के बाद एमबीए ग्रेजुएट और पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट मालविका मुदगल राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में जरूरतमंदों की सेवा में जुटी हैं। अपनी अच्छी खासी नौकरी और शहर की लग्जरी लाइफ को छोड़कर वो राजखेड़ा पहुंच गईं हैं। 34 वर्षीय मालविका के लिए प्रदेश के पिछड़े इलाके राजखेड़ा में नई ज़िंदगी की शुरूआत करना आसान नहीं था। साल भर पहले ही उन्होंने अपने पिता अशोक शर्मा को खो दिया था। वे अपने पिता का सपना साकार करना चाहती थीं।

मालविका बताती हैं ‘‘मेरे पिता ने मुझे हमेशा सपोर्ट किया। उनसे प्रेरित होकर ही मैं राजखेड़ा और यहां के लोगों को सशक्त बनाना चाहती हूं। पिता की अचानक मृत्यु के बाद मालविका और और उनके भाई दुष्यन्त अशोक शर्मा ने अपने पिता की धरोहर को आगे बढ़ाया। इस समय मालविका राजखेड़ा विधानसभा से भाजपा की टिकट की मुख्य दावेदारों में से एक है।

अब मालविका अपने भाई के साथ मिलकर गांव के विकास के लिए काम कर रही हैं। जिसे नीति आयोग के महत्वाकांक्षी ज़िला प्रोग्राम के तहत सूचीबद्ध किया गया है। वे बताती हैं ‘‘जब मैं राजखेड़ा में आई, तब मुझे महसूस हुआ कि देश की इतनी प्रगति के बावजूद भी यह गांव कितना पिछड़ा हुआ है। इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की ज़रूरत थी। मैंने भाई के साथ मिलकर पिछले 5 सालों में राजखेड़ा का चेहरा बदलने के लिए अथक प्रयास किए हैं।’

भाई-बहन की जोड़ी सर्दी-गर्मी की परवाह किए बिना गांव-गांव जाकर लोगों को जागरुक बनाने के लिए काम करती है। तकरीबन हर दिन वे गांव के ज़रूरतमंद लोगों की समस्याओं को हल करने में मदद करती हैं। यह गांव आगरा से कुछ ही घण्टों की दूरी पर है, इसके बावजूद यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं, जल, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास एवं कृषि के विकास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

‘‘युवाओं और महिलाओं से मिलना मेरे लिए सबसे खास होता हैं। वे परिवार के सदस्य की तरह हमें अपनी समस्याएं बताते हैं। गांव में बुनियादी सुविधाओं की हालत बेहद खराब रही है, यहां खतरनाक बीमारियां फैल रही हैं, लोगों को उपचार नहीं मिल पाता, एमरजेन्सी में भी पेड़ों के नीचे उनका इलाज किया जाता है। हम इन समस्याओं को हल करने के लिए काम कर रहे हैं।’ मालविका ने बताया।

राजखेड़ा विधानसभा की मुख्य महिला उम्मीदवार के रूप में मालविका ने क्षेत्र के विकास में आने वाली चुनौतियों को पहचाना। ‘‘सबसे पहले हमने लोगों को जागरुक बनाना शुरू किया। उनकी समसयाओं के समाधान के लिए उन्हें सरकारी अधिकारियों के साथ कनेक्ट करने की कोशिश की। हमने स्थानीय लोगों को उनके मूल अधिकारो से परिचित किया, उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की समाज कल्याण योजनाओं से अवगत कराया।

प्रधानमंत्री जी द्वारा लॉन्च किए गए प्रोग्राम ‘महत्वाकांक्षी ज़िलों के रूपान्तरण’ के तहत देश के सबसे विकसित ज़िलों में सुधार के कार्य किए जा रहे हैं, धौलपुर राजस्थान के ऐसे ही 5 जिलों में से एक है। एक रिपोर्ट के माध्यम से हमने क्षेत्र की सस्याओं को विधानसभा में एवं वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। हम नीतिगत बदलावों के माध्यम से राजस्थान के सबसे बड़े इलाकों में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।’ मालविका ने कहा।