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यहां कोरोना से बचाव का मैनेजमेंट…गजब

-अपना घर में प्रभुजी को सुरक्षित रखने का जतन

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यहां कोरोना से बचाव का मैनेजमेंट...गजब

यहां कोरोना से बचाव का मैनेजमेंट...गजब

भरतपुर. अपना घर बझेरा में रह रहे प्रभुजी को सुरक्षित रखने के लिए अपना घर प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। पहले भी यहां इनकी सुरक्षा के माकूल प्रबंध किए गए थे। अब दूसरी लहर में इन्हें कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए विजिटर्स के प्रवेश पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है।
अपना घर में आवासरस करीब 3400 प्रभुजी में से हल्के जुकाम-बुखार एवं खांसी वालों को अलग रखा जा रहा है। इसके लिए अपना घर में 13 आइसोलेशन वार्ड शुरू किए गए हैं। प्रभुजी की सेवा में लगे स्टाफ को भी खास सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। इनमें मुख्य रूप से जिस स्टाफ के दो डोज वैक्सीन के लग चुके हैं, उन्हें घर आने-जाने की इजाजत दी जा रही है। बाकी जिनके एक डोज लगा है, उन्हें अपना घर में 24 घंटे सेवा देनी होंगी। सभी के लिए फेस मास्क एवं सैनिटाइजर अनिवार्य कर दिया है। साथ ही अपना घर में सेंसर वाले लिक्विड सोप भी लगवाए हैं, जिनसे हाथ टच करने की जरूरत नहीं होगी। यूं तो बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी। फिर भी यदि जरूरी हो तो पीपीई किट पहनकर ही लोगों को अंदर प्रवेश दिया जाएगा।

नए प्रभुजी के लिए बनाया अलग वार्ड

अपना घर में अब पहुंचने वाले नए प्रभुजी के लिए अलग से कोराना वार्ड बनाया गया है। नए प्रभुजी को यह मानकर ही कोरोना वार्ड में भर्ती किया जा रहा है, बाहर से आने के कारण उनमें संक्रमण हो सकता है। इसके चलते उन्हें अन्य प्रभुजी से बिल्कुल अलग रखा जा रहा है।

दी जा रही खास डाइट

सर्दी-जुकाम वाले प्रभुजी को स्पेशल डाइट भी दी जा रही है। इम्युनिटी पॉवर कमजोर होने के कारण ऐसे प्रभुजी को दिन में तीन बार काढ़ा पिलाया जा रहा है। साथ ही जरूरत के हिसाब से इन्हें फल उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे खुद को सुरक्षित रख सकें। साथ ही चिकित्सकीय टीम लगातार इनकी निगरानी कर रही है।

इनका कहना है

प्रभुजी को सुरक्षित रखने के लिए अपना घर की ओर से पूरे प्रबंध किए जा रहे हैं। इसके लिए 13 आइसोलेशन वार्ड बना दिए हैं। एक डोज वाले स्टाफ को यहीं ठहराया जा रहा है, जिससे बाहर से अंदर संक्रमण नहीं आ सके।

- डॉ. बी.एम. भारद्वाज, संस्थापक अपना घर भरतपुर

साहब ने सुनी, प्रभुजी का होगा टीकाकरण
- बिना पहचान मुश्किल हो रहा था वैक्सीनेशन
भरतपुर. अपना घर में बेसुधी की जिंदगी बसर कर रहे प्रभुजी की पुकार अब प्रशासन तक पहुंच गई है। मंगलवार को मेडिकल टीम मां माधुरी ब्रज वारिस सेवा सदन अपना घर पहुंची और यहां आसरा पा रहे प्रभुजी के टीकाकरण संबंधी जानकारी ली। हालांकि फिहाल वैक्सीन की डोज कम होने के कारण इसे टाल दिया गया। पत्रिका में मंगलवार के अंक में 'सुनो साहब! यहां कोरोना आया तो मच जाएगा कोहरामÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया कि अपना घर में कुल 3400 आवासरत प्रभुजी में से 1200 के पास तो पहचान के दस्तावेज हैं, लेकिन करीब 2200 ऐसे हैं, जिन्हें खुद के नाम तक का इल्म नहीं है और यह सिर्फ दवाओं पर ही निर्भर हैं। इन्हें नाम भी अपना घर ने दिया है। पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं होने के कारण इनका वैक्सीनेशन नहीं हो पा रहा था। ऐसे में यहां कोरोना के कोहराम मचाने की आशंका बलबती हो रही थी। खबर में बताया कि अपना घर में करीब 20 गांवों के लोगों का कार्मिकों के रूप में आवागमन है। यदि प्रभुजी इसकी चपेट में आए तो यहां बड़ा खतरा पनप सकता है। यदि अपना घर हॉट-स्पॉट बना तो पूरे भरतपुर के लिए यह बड़ा खतरा होगा। पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग ने इन प्रभुजी की सुध ली है। मंगलवार सुबह चिकित्सा विभाग की टीम अपना घर पहुंची, लेकिन वैक्सीन का अभाव होने के कारण वैक्सीनेशन का काम शुरू नहीं हो सका। पहचान संबंधी दस्तावेजों को लेकर जिला प्रशासन ने चिकित्सा विभाग के साथ मंथन किया। संभवतया अब प्रभुजी के लिए वैक्सीनेशन का रास्ता साफ हो जाएगा।

इनका कहना है

हम दिशा में काम कर रहे हैं। प्रभुजी का वैक्सीनेशन कराने के लिए योजना बनाई जा रही है।

- हिमांशु गुप्ता, जिला कलक्टर