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मोबाइल टावर लगाने के नाम पर ठगी, गिरोह का एक सदस्य गिरफ्तार, पूछताछ में अन्य सदस्यों के नामों का किया खुलासा

मोबाइल टॉवर लगवाने के बहाने विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना चिकसाना पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को मेरठ (उत्तर प्रदेश) सेे गिरफ्तार किया है।

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भरतपुर। मोबाइल टॉवर लगवाने के बहाने विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना चिकसाना पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को मेरठ (उत्तर प्रदेश) सेे गिरफ्तार किया है। एएसआई कंचन सिंह ने बताया पकड़ा गया आरोपी जनेश पुत्र हरवीर प्रजापत निवासी अहेडा बागपत उत्तर प्रदेश है। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी ने अपने गिरोह के अन्य 6 सदस्यों सूरज पुत्र रामवीर गुर्जर निवासी अहेडा, प्रिंस उर्फ छोटा निवासी चोहल्दा निवासी बागपत, राहुल पुत्र आयराम गुर्जर निवासी अहेडा बागपत, मनोज लोधी निवासी मथुरा, सुभम पुत्र दिलेराम प्रजापती निवासी मीरापुर मुजफ्फरनगर हाल देहरादून उतराखंड एवं कपिल पुत्र उदयभान गुर्जर निवासी अहेडा के नामों का खुलासा किया है।

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चिकसाना थाना प्रभारी विनोद कुमार मीणा ने बताया कि गिरोह के सदस्य ऑनलाइन नौकरी एवं मोबाइल टावर लगवाने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे जीरो बैलेंस पर खाते खुलवाकर जरिए डाक बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम अपने पास मंगवा लेते थे। इसके बाद उन्हीं मोबाइल नम्बरों का उपयोग करते हुए विभिन्न राज्यों में स्थानीय अखबारों में टावर लगाए जाने के लिए विज्ञापन दिलवाए जाते थे। विज्ञापन पर फर्जी मोबाइल नंबर को लिखा जाता था। विज्ञापन को देखकर लोग लालच में आकर आमदनी के लिए अपने घर पर मोबाइल टॉवर लगवाने केे लिए विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबरों पर जैसे ही फोन करते, ठग गिरोह केे सदस्य टावर लगाने केे नाम पर प्रोसेसिंग फीस केे नाम पर प्रथम बार 3-4 हजार रुपए फर्जी खातो में ऑनलाइन डलवा लेते थे। इसके बाद बार- बार फोन करके टैक्स व विभिन्न चार्जों का बहाना बनाकर मोटी रकम अपने फर्जी खातो में डलवाते रहते थे। साथ ही उक्त पैसों को विभिन्न जगहों से एटीएम सेे विड्राल कर लेते। आरोपी सूचना प्रौद्योगिकी के जानकार हैं। इसलिए अपना कोई लीगल डाक्यूमेंट या जानकारी या कोई साक्ष्य नहीं छोड़ते हैं। इस कारण इन्हें ट्रेस करना आसान नहीं होेता है। पीडित की संतुष्टि केे लिए आरोपी ऑनलाइन मोबाइल टॉवर केे संबंध में फर्जी दस्तावेज बनाकर पीडित के माबाइल नम्बरों पर भेज देते थे, जिससे पीडित व्यक्ति उन पर विश्वास करके उन्हे पैसे डालते रहते थे।

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सीएमडी बताकर करता था ठगी
पकड़े गए आरोपी जनेश ने पूछताछ में बताया कि गिरोह के सदस्य अपने आपको मोबाइल टावर कंपनियों में बड़ा अधिकारी बताकर लोगों से ऑनलाइन रुपए डलवाकर ठगी करते हैं। वहीं फर्जी नाम बताकर लोगों से वार्ता करते हैं। पकड़े गए आरोपी जनेश ने बताया कि वह अपने आप को टावर कम्पनी में सीएमडी की पोस्ट पर होना व अपना नाम संजीत कुमार अग्नीहोत्री बताता था।