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भरतपुर में मानसून फिर सक्रिय

हवा के साथ बारिश, बिन सिंचाई क्षेत्रों में 25 से हो सकती है सरसों की बुवाई

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भरतपुर में मानसून फिर सक्रिय

भरतपुर में मानसून फिर सक्रिय

भरतपुर. चार दिन के अंतराल के बाद शनिवार को एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। तेज हवा के साथ हुई बारिश के चलते दिनभर मौसम ठंडा रहा, लेकिन खरीफ की फसल को नुकसान झेलना पड़ सकता है। हालांकि रबी के लिए विशेषकर सरसों की बुवाई के लिए इस बारिश को फायदेमंद बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी बारिश होने की संभावना है।
शनिवार सुबह से ही बादलों की लुकाछिपी जारी थी। कभी धूप निकल आती तो कभी बादल छा जाते थे। लेकिन दोपहर को डेढ़ बजे के आसपास तेज हवा के साथ एक साथ तेज बारिश शुरू हो गई। जिसके कारण वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। विशेषकर दो पहिया वाहन चालक जहां थे वहीं थम गए। क्योंकि हवा के कारण वाहन चलाना मुश्किल हो गया। इसके बाद दिनभर कभी तेज तो कभी बूंदाबांदी जारी रही।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर, जयपुर, अजमेर व भरतपुर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी दो-तीन दिन हल्के से मध्यम बारिश जबकि कोटा- उदयपुर संभाग में में रविवार को कुछ स्थलों पर भारी व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे से लेकर शाम को 5 बजे तक हलैना में 16, हिंगोटा में 7, अजान में 25, भरतपुर में 7, नदबई में 10, सेवर में 37, कुम्हेर-3, बारैठा में 6, बयाना में 2, रूपवास में 10, सेवला 2, उच्चैन 25, डीग में 2, नगर में 22, कामां में 17, पहाड़ी-24, सीकरी में 8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बिन सिंचाई क्षेत्रों में 25 से हो सकती है सरसों की बुवाई
कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक देशराज सिंह के अनुसार बिन सिंचाई क्षेत्रों अर्थात जहां सिंचाई की सुविधा नहीं है, उन क्षेत्रों में 25 सितम्बर से सरसों की बुवाई की जा सकती है। जिले के कुम्हेर, नगर, डीग आदि क्षेत्रों में कुछ जगह सिंचाई के साधन नहीं हैं एवं कुछ क्षेत्रों में खारा पानी है। ऐसे में वहां पर किसान अगेती सरसों की बुवाई करते हैं।