27 अप्रेल तक चैत्र मास, 13 से शुरू होगा नव संवत् 2078

-21 को मनाई जाएगी श्रीराम नवमी, 27 को हनुमान जन्मोत्सव

By: Meghshyam Parashar

Published: 11 Apr 2021, 02:28 PM IST

भरतपुर. हिंदी पंचांग का पहला महीना चैत्र शुरू हो चुका है। इस महीने में हिंदी नववर्ष की शुरुआत होगी। चैत्र माह नवरात्र भी मनाए जाएंगे। इस महीने में श्रीरामनवमी भी आएगी तो वहीं महावीर जयंती भी आएगी। इसके अलावा हनुमान जन्मोत्सव भी इस महीने की 27 अप्रेल को मनाया जाएगा। जानिए चैत्र माह में कब कौन सा खास तीज-त्योहार आएगा और उस दिन कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं। रविवार, 11 अप्रेल को और सोमवार, 12 अप्रेल को अमावस्या है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने की परंपरा है। इस दिन पितरों के लिए विशेष धूप-ध्यान करें। मंगलवार, 13 अप्रेल से चैत्र मास की नवरात्र शुरू हो जाएंगे। इस दिन घट स्थापना होगी। इसी दिन गुड़ी पड़वा है। नवरात्र में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इसी दिन से विक्रम संवत 2078 शुरू होगा। मान्यता है कि इसी तिथि पर ब्रह्माजी सृष्टि की रचना की थी। गुरुवार, 15 अप्रेल को गणगौर तीज है। इस दिन वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखने की कामना से देवी पार्वती के लिए व्रत-उपवास किया जाता है। शुक्रवार, 16 अप्रेल को विनायकी चतुर्थी है। शुक्रवार को गणेशजी के साथ ही देवी लक्ष्मी का भी विशेष पूजन करें। मंगलवार, 20 अप्रेल को दुर्गाष्टमी है। इस दिन कुलदेवी की विशेष पूजा की जाती है। बुधवार, 21 अप्रेल को श्रीराम नवमी है। इस तिथि पर श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन श्रीरामचरित मानस की जयंती भी मनाई जाती है। शुक्रवार, 23 अप्रेल को कामदा एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु के लिए व्रत रखा जाता है। विष्णुजी के अवतारों की आराधना की जाती है। रविवार, 25 अप्रेल को महावीर जयंती मनाई जाएगी। इस दिन महावीर स्वामी को विचारों को जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए। बुराइयों से बचें और हिंसा न करें। मंगलवार, 27 अप्रेल को चैत्र मास की पूर्णिमा है। इस तिथि पर हनुमानजी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें। 28 अप्रेल से वैशाख मास शुरू होगा। शुक्रवार, 30 अप्रेल को गणेश चतुर्थी व्रत है। इस दिन चंद्र उदय रात में 10.40 बजे के बाद होगा। इस तिथि पर गणेशजी के लिए व्रत-उपवास करें।

अप्रैल में पांच तो मई में रहेंगे 11 मुहूर्त, 14 को अक्षय तृतीया भी

जिनके घर अप्रेल, मई एवं जून में बेटे या फिर बेटी की शादी है उनकी चिंता बढ़ गई हैं। क्योंकि वे पहले ही बुकिंग आदि आवश्यकता के अनुसार कर चुके हैं, लेकिन अब नई गाइडलाइन की पालना के साथ शादियां करना चुनौती बना हुआ है। अप्रेल में सर्वाधिक शादियां रविवार 25 और 26 अप्रेल को हैं। वहीं, मई में शादियों के लिए मैरिज गार्डन की सर्वाधिक बुकिंग रविवार दो मई को है। बढ़ते संक्रमण के कारण प्रशासन की पाबंदी से इस बार कई त्योहार फीके रहेंगे। 13 अप्रेल को गुड़ीपड़वा, 14 अप्रेल को अम्बेड़कर जयंती, 21 अप्रेल को रामनवमी, 25 अप्रेल को महावीर जयंती पर हर साल होने वाले कार्यक्रम भी प्रभावित होंगे। शादी और तीज-त्योहार पर भी कोरोना के कारण असर पड़ेगा। कोरोना गाइडलाइन में तय सोशल डिस्टेंस भी मुश्किल होगी।

आठ मुहूर्त तो रविवार को आ रहे

अप्रेल में विवाह के मुहूर्त 22, 25, 26, 27 और 30 के रहेंगे। मई में 1, 2, 3, 4, 7, 8, 22, 23, 24, 26, 30 के रहेंगे। जून में 5, 6, 19, 20, 24, 27, 30 के रहेंगे और जुलाई में 1, 2, 3, 4, 6 के मुहूर्त रहेंगे। इसके बाद देवशयनी ग्यारस व देवताओं का शयनकाल होने की वजह से चार महीने के लिए सभी शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा। इस बीच में कोई भी विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे। इसी बीच आखातीज 14 मई की रहेगी, जिसे शास्त्रों के मुताबिक अबूझ मुहूर्त भी माना गया है।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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