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दो जनवरी को जन्मदिन पर पिता ने दिलाई साइकिल, अब मां के सामने ही बेटे ने तोड़ा दम

-गांधीनगर कॉलोनी के पांच वर्षीय बालक की मौत, भाई-बहन को चप्पल दिलाने बाजार आई थी मां

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दो जनवरी को जन्मदिन पर पिता ने दिलाई साइकिल, अब मां के सामने ही बेटे ने तोड़ा दम

दो जनवरी को जन्मदिन पर पिता ने दिलाई साइकिल, अब मां के सामने ही बेटे ने तोड़ा दम

भरतपुर. शहर के गांधीनगर कॉलोनी के पास पत्थरों से भरी तेज गति से आ रही ट्रेक्टर-ट्रॉली ने शुक्रवार शाम एक पांच वर्षीय बालक को कुचल दिया। इससे बालक की मौके पर ही मौत हो गई। आंखों के सामने ही बेटे का क्षत-विक्षत शव देखकर मां भी बेहोश हो गई। मां दोनों भाई-बहन को बाजार से चप्पल दिलाने गई थी। घटना से आक्रोशित लोगों ने हीरादास-सेवर मार्ग को जाम कर दिया। जानकारी के अनुसार गांधी नगर कॉलोनी निवासी गौरव सिंह उर्फ कन्नू पुत्र जनक सिंह (5) शाम को मां निधि सिंह व सात वर्षीय बहन गार्गी सिंह के साथ सेवर में चप्पल खरीदने गया था। जहां से दोनों भाई-बहन को चप्पल दिलाने के बाद मां उन्हें लेकर ऑटो में बैठे गई। गांधीनगर के पास ऑटो से उतरने के बाद वह किराए के रुपए दे रही थी कि अचानक पास में ही खड़े बेटे गौरव को तेज गति से आ रही पत्थरों से भरी ट्रेक्टर-ट्रॉली ने कुचल दिया। हादसा इतना वीभत्स था कि बालक के सिर के दो टुकड़े तक हो गए। हादसा देख मां बेहोश हो गई। मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। जहां मां के होश में आने के बाद उसे घर पहुंचाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रेक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। हालांकि चालक मौके से फरार हो गया। घटना से आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से यह सड़क एक तरफ से क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है। इस कारण वन-वे की स्थिति बनी हुई है। लोगों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अटलबंध व सेवर थाना पुलिस ने आक्रोशितों को समझा कर मामला शांत कराया।

पांच साल तक पहनाए मांग-मांग कर कपड़े...

पड़ोसियों ने बताया कि मृतक कन्नू इतना चंचल था कि वह कब किस पड़ोसी के घर जाकर खाना खाकर आ जाए उसकी मां को भी पता नहीं चलता था। उसका पिता चंद्रशेखर गांधीनगर में ही किराए के मकान में परिवार के साथ रहता है। निजी बस पर चालक की नौकरी कर रहा था। आर्थिक हालत खराब होने के बाद भी वह बेटे और बेटी को हर खुशी देने की कोशिश कर रहा था। लॉकडाउन में घर चलाने में भी परेशानी आने के बाद भी दो जनवरी को बेटे का जन्मदिन मनाया था। उसी दिन बेटे कन्नू को साइकिल भी दिलाई थी। बालक का शव देखकर वहां पड़ोसी भी आंसू बहने से नहीं रोक सके। परिजनों ने बताया कि देवी मां से मनौतियां मांगने के बाद वह जन्मा था। इसलिए उसके मां-बाप मांगकर उसे कपड़े पहनाते थे।

एक दिन पहले ही बोला था...दादी अब तो शादी करनी पड़ेगी

55 वर्षीय ओमवती ने बताया कि कन्नू को देखकर और बात कर कभी भी ऐसा नहीं लगता था कि हम उसके पड़ोसी है। वह जब भी घर से बाहर निकलता तो जिससे भी मिलता था, उससे बिना बात किए नहीं जाता था। एक दिन पहले ही कॉलोनी बैंड-बाजा बज रहे थे तो बोला दादी अब तो शादियों का सीजन शुरू हो गया था, लगता है अब तो शादी करनी पड़ेगी। जब उसे पकडऩे की कोशिश की तो वह भाग गया। ओमवती ने बिलखते हुए कहा कि कॉलोनी में ज्यादातर परिवार उस कन्नू से अच्छी तरह वाकिफ थे। क्योंकि वह नटखट ही इतना था कि एक दिन अगर घर से बाहर नहीं निकले तो चिंता होने लगती थी।

हादसे की असल वजह...अतिक्रमण, एक साल में पांच की मौत

हादसे की असल वजह एक और सामने आई है कि वहां आसपास मौजूद बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानों के सामने निर्माण सामग्री पड़ी हुई है। इससे आवागमन में भी परेशानी हो रही है। इस कारण बीच सड़क पर ही ऑटो व अन्य वाहनों को यात्रियों को उतारना पड़ता है। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण पिछले करीब डेढ़ साल से वन-वे की स्थिति बनी हुई है। इसको लेकर कुछ संगठनों की ओर से पिछले दिनों आंदोलन भी किया गया था। तब जाकर नगर सुधार न्यास ने समस्या निराकरण का आश्वासन दिया था। हकीकत यह है कि इस एरिया में ही पिछले एक साल में करीब पांच लोगों की दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी है।