
अफसर करते रहे घोटाला, नेताजी बने रहे अनजान
भरतपुर/पहाड़ी . गरीबों की झोंपड़ी से फूंस तिनका-तिनका उड़ रहा है। घरौंदों की आस में वह दफ्तर-दफ्तर भटक रहे हैं, लेकिन कार्मिकों की मेहर रसूखदार एवं उनके चहेतों पर हो रही है। घरौंदों में यह घोटाले का मामला प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सामने आया है। कामां-पहाड़ी पंचायत समिति क्षेत्र के 698 अपात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जी बने भवन दिखाकर करीब 1 करोड़ 28 लाख रुपए के गबन की बात सामने आईहै। अब इस मामले में एक दर्जन कार्मिकों को निलंबित किया है।
गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की आड़ में जिले के पहाड़ी और कामां क्षेत्र में बड़ा घोटाला हुआ है। यहां ग्राम विकास अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों ने मिलीभगत कर पहाड़ी और कामां के 6 98 अपात्र लोगोंं को आवास योजना की 1.28 करोड़ की राशि जारी कर दी। इस पूरे मामले को भरतपुर सांसद रंजीता कोली ने प्रधानमंत्री तक पहुंचाया तो मामले की जांच हुई। जांच में अधिकारियों की कारगुजारी उजागर हुई। इसके बाद भ्रष्ट अधिकारियों पर गाज गिरी है। सामाजिक कार्यकर्ता विजय मिश्रा का आरोप है कि कामां-पहाड़ी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा व घोटाला पिछले कई वर्षों से राजनीतिक सरंक्षण में चल रहा था। जरूरतमंद लाभार्थियों को आवास उपलब्ध नहीं कराकर अपने चहेतों व अपात्र लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया गया था।
अपात्रों को दे दिए 1.28 करोड़ रुपए
सांसद के आवाज उठाने के बाद हुई जांच में सामने आया है कि पहाड़ी में 216 4 और कामां में 1041 आवास गरीबों के लिए स्वीकृत हुए थे। जांच में पहाड़ी में 594 और कामा में 104 आवेदक अपात्र पाए गए। इतना ही नहीं आवेदकों को स्थानीय अधिकारियों ने मिलीभगत कर 1.28 करोड़ रुपए की राशि भी जारी कर दी। इस पूरे मामले को ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग की प्रमुख शासन सचिव अपर्णा अरोड़ा ने गंभीरता से लेते हुए 12 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया है।
इन अधिकारी-कर्मचारियों को किया निलंबित
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की प्रमुख शासन सचिव अपर्णा अरोड़ा ने कामां व पहाड़ी पंचायत समिति के 12 अधिकारी व कर्मचारियों को निलम्बित किया है। इनमें कामां के विकास अधिकारी कौशल कुमार जैमन, पहाड़ी के तत्कालीन विकास अधिकारी राजीव कुमार जैन, लेखाधिकारी हरीशंकर शर्मा, लेखाकार राजेन्द्र तंवर, सहायक लेखाकार यशपाल सिंह, सहायक लेखाकार श्यामलाल सैनी, जितेन्द्र शर्मा, सहायक विकास अधिकारी रामहंस गुर्जर, कनिष्ठ सहायक मुबारिक हुसैन, कनिष्ठ सहायक रमेशचंद गुर्जर, ग्राम विकास अधिकारी जीतेन्द्र शर्मा व राजेश कुमार को निलम्बित कर इनके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराकर गबन की गई राशि को वसूलने के आदेश जारी किए हैं।
वर्ष 2020 में हुई थी शिकायत
सामाजिक कार्यकर्ता विजय मिश्रा ने बताया कि कामां व पहाड़ी पंचायत समिति क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले को लेकर वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री कार्यालय व जयपुर के पंचायती राज अधिकारियों से शिकायत की थी। शिकायत के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज जयपुर व भरतपुर जिला परिषद के तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी अमित यादव ने टीम गठित कर कामां-पहाड़ी पंचायत समिति के ग्रामीण क्षेत्रों पहुंचकर 1292 आवासों का भौतिक सत्यापन कराया। इसमें कामां पंचायत समिति क्षेत्र में 104 व पहाड़ी पंचायत समिति क्षेत्र में 598 फर्जी आवास पाए गए, जो मौके पर बनाए ही नहीं गए थे। इनका उन लाभार्थियों को भुगतान होना दर्शाया गया था।
इनका कहना है
-हमारे पास यह शिकायत आई थी। जांच कराने के बाद जिन अधिकारी-कर्मचारियों को दोषी पाया गया है। उनको निलंबित कर दिया गया है। साथ ही एफआइआर भी दर्ज कराई जाएगी। भरतपुर जिले का प्रभारी मंत्री होने के नाते किसी भी कीमत पर जिले में किसी भी संस्था में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होने दिया जाएगा। कोशिश है कि आमजन को भ्रष्टाचार का सामना नहीं करना पड़े और पात्रजनों को योजनाओं का लाभ मिलता रहे।
रमेश मीणा मंत्री
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री
Updated on:
07 Apr 2022 08:52 am
Published on:
07 Apr 2022 08:51 am
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