
रूपवास उपखण्ड के बंशी पहाड़पुर सीएचसी पर करीब एक दशक बाद शुक्रवार को हुए एक प्रसव के बाद किलकारी एक बार फिर गूंज उठी। सीएचसी पर प्रसव सेवा शुरू कराने की मांग वर्षों से चली आ रही थी। गांव में करीब ढाई दशक पूर्व राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोला गया।
यहां विद्युत, आवास एवं स्टॉफ की कमी के चलते प्रसव सुविधा से क्षेत्र की जनता वंचित थी। एक दशक पूर्व काफी प्रयास के बाद यहां प्रसव शुरू हुए, लेकिन पांच-छह प्रसव होने के बाद इस सेवा को बंद कर दिया गया। ऐसे में आमजन को रुदावल व रुपवास कस्बों तक भागदौड़ करनी पड़ रही थी।
दो वर्ष पूर्व पीएचसी को सीएचसी में क्रमोन्नत करने के बाद भी यहां प्रसव सुविधा शुरू नहीं हो सकी। क्षेत्रीय जनता की मांग एवं राजस्थान पत्रिका की ओर से समय-समय पर खबर प्रकाशित होने के बाद चिकित्सा विभाग ने प्रसव सुविधा शुरू कर दी है।
यहां प्रथम प्रसव कराने के लिए बसई निवासी रुबी पत्नी दिनेश को लाया गया, जिसने एक बालिका को जन्म दिया। चिकित्सक चन्द्रशेखर शर्मा व राजकुमारी आदि ने बधाई दी।
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