
नौ विषयों में प्रथम आने पर पंचायत राज संस्थानों को मिलेगा पुरस्कार
भरतपुर. केन्द्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने प्रतिवर्ष दिए जाने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार का पुनर्रूत्थान किया है। केन्द्र सरकार हर क्षेत्र में अव्वल आने वाली पंचायत को पांच करोड़ रुपए देगी। वर्ष 2023 में दिए जाने वाले राष्ट्रीय स्वायत पुरस्कार को लेकर नौ विषयों की प्रश्नावलियां तैयार की गई है। इसे पंचायत अवार्ड पोर्टल के माध्यम से 10 सितम्बर से 20 अक्टूबर तक भरा जाएगा। देश भर में प्रथम तीन ग्राम पंचायत को, तीन पंचायत समिति को एवं तीन जिला परिषद को दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार दिया जाएगा। सभी विषयों के औसत अंकों के आधार पर देशभर में प्रथम आने वाली तीन ग्राम पंचायत, तीन पंचायत समिति को एवं तीन जिला परिषद को नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार व अन्य विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। सभी ग्राम पंचायतों को इस पुरस्कार में आवेदन करना अनिवार्य है। इसी आधार पर गेप सर्वे से ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत एवं जिला पंचायत विकास योजना तैयार होगी।
ये है नौ विषय
1. गरीबी मुक्त उन्नत आजीविका, कुशल और आत्मनिर्भर ग्राम
2. स्वस्थ ग्राम
3. बाल हितैषी ग्राम
4. जल पर्याप्त ग्राम
5. बुनियादी ढांचों से परिपूर्ण ग्राम
6 . स्वच्छ व हरित ग्राम
7. सामाजिक रूप से सुरक्षित ग्राम
8 . सुशासित ग्राम
9. महिला हितैषी पंचायत
ये है पुरस्कार
ग्राम ऊर्जा स्वराज विशेष पंचायत पुरस्कार एवं कार्बन न्यूट्रल विशेष पंचायत पुरस्कार: राज्य की ओर से निर्धारित समय सीमा में पंचायती राज मंत्रालय को प्रस्तुत किए जाएंगे। मंत्रालय को सर्वोच्च तीन ग्राम पंचायतों का पुरस्कार के लिए भेजेंगे।
पंचायत क्षमता निर्माण सर्वोत्तम संस्थान पुरस्कार: यह पुरस्कार देश के तीन संस्थानों को दिया जाएगा। जिन्होंने सतत् विकास लक्ष्य प्राप्त करने में ग्राम पंचायतों को संस्थागत सहायता प्रदान की है। संस्था को उनके प्रयासों के लिए प्रमाण पत्र, पट्टिका के माध्यम से मान्यता दी जा सकती है।
यह रहेगी पुरस्कार राशि
प्रत्येक थीम के लिए प्रथम को 50 लाख, द्वितीय को 40 लाख, तृतीय को 30 लाख, राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोत्तम ग्राम पंचायत को सभी थीमों के लिए प्रथम को एक करोड़ 50 लाख, द्वितीय को एक करोड़ 25 लाख, तृतीय को एक करोड़, ब्लॉक पंचायत पर प्रथम को 50 लाख, द्वितीय को 40 लाख, तृतीय को 30 लाख, सर्वोत्तम ब्लॉक पंचायत प्रथम को एक करोड़, द्वितीय को 75 लाख, तृतीय को 50 लाख, जिला पंचायत में प्रथम को एक करोड़ 50 लाख, द्वितीय को एक करोड़ 25 लाख, तृतीय को एक करोड़, सर्वोत्तम जिला परिषद में प्रथम को पांच करोड़, द्वितीय को तीन करोड़, तृतीय को दो करोड़ रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप पंचायतीराज संस्थानों के विकास एवं सुदृढीकरण के लिए दी जाएगी।
Published on:
27 Sept 2022 08:22 pm
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