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घना में पैंथर की दस्तक, पर्यटकों के लिए नहीं है खतरा

-कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह को भ्रमण में मिले पगमार्क

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घना में पैंथर की दस्तक, पर्यटकों के लिए नहीं है खतरा

घना में पैंथर की दस्तक, पर्यटकों के लिए नहीं है खतरा

भरतपुर. केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में पैंथर आने की पुष्टि की गई है। शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह को भी भ्रमण के दौरान पगमार्क मिले हैं। यह भी पुष्टि की गई है कि पिछले तीन-चार दिन से पैंथर विभिन्न ब्लॉक में घूम रहा है। कुछ ग्रामीणों की ओर से पैंथर को देखा भी गया है। हालांकि घना प्रशासन ने पैंथर से पर्यटकों को कोई खतरा घोषित नहीं किया है। कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह शाम को घना में भ्रमण कर रहे थे कि उन्हें एक स्थान पर पगमार्क व किसी जंगली जानवर का मल दिखाई दिया। इसकी जांच करने पर वह पैंथर का ही निकला है। मंत्री सिंह ने बताया कि पैंथर से पर्यटकों को कोई खतरा नहीं है। वहीं घना प्रशासन की ओर से ट्रैप कैमरों से निगरानी की जा रही है। पैंथर का मूवमेंट पिछले तीन-चार दिन के दौरान कदंब कुंज के पास, सी ब्लॉक में देखा गया है। उल्लेखनीय है कि घना में 60 के दशक तक पैंथर पाए जाते रहे हैं। इसके बाद दो बार टाइगर और तीन बार पैंथर आ चुके हैं। घना में पैंथर का मूवमेंट करौली के कैलादेवी अभयारण्य से माना जाता है। क्योंकि पहाड़ श्रृंखला झील का वाड़ा तक जुड़ी हुई है।

तीन साल पहले भी आ चुका पैंथर

केवलादेव घना में पैंथर का दिखना कोई बड़ी बात नहीं है। इससे पहले भी पैंथर घना में आ चुके हैं। तीन साल पहले भी एक पैंथर दिखाई दिया था, लेकिन वह कुछ महीने बाद ही लापता हो गया था। इसको लेकर घना प्रशासन की ओर से जांच भी कराई गई थी। बाद में उस पैंथर की लोकेशन करौली जिले में होने की बात सामने आई थी।

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