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नींद में थे यात्री, अचानक तेज धमाका और मच गई चीख-पुकार

-तूडी से भरी ट्रेक्टर-ट्रॉली से टकरा कर स्लीपर कोच बस पलटी, चालक की मौत व 22 से अधिक यात्री घायल

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नींद में थे यात्री, अचानक तेज धमाका और मच गई चीख-पुकार

नींद में थे यात्री, अचानक तेज धमाका और मच गई चीख-पुकार

भरतपुर. आगरा-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार तड़के तीन बजे उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब नींद में सोए यात्री अचानक तेज धमाके की आवाज से जागे और खुद को जिंदगी बचाने के लिए रास्ता तक नहीं सूझ रहा था। हालांकि गनीमत रही कि हादसे में यात्रियों को ज्यादा चोट नहीं पहुंची है, लेकिन चालक की मौत हो गई। हुआ यूं कि तूड़ी से भरी ट्रेक्टर ट्रॉली से टकरा कर एक स्लीपर कोच बस पलट गई। दुर्घटना में बस के चालक की मौत हो गई जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को आरबीएम जिला अस्पताल में भर्ती कराया। शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। यात्रियों ने बताया कि स्लीपर कोच बस उत्तर प्रदेश के उरई से जयपुर जा रही थी। इसी दौरान अलसुबह करीब तीन बजे आगरा-जयपुर हाईवे पर जटौली घना के पास आगे चल रहे तूड़ी से भरे ट्रेक्टर ट्रॉली से बस टकरा गई। बस हिचकोले खाती फिर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में चीखपुकार मच गई। यात्रियों ने एक दूसरे की मदद कर घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को घटना की सूचना दी। करीब 20 से अधिक घायलों को आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया, जहां करीब 16 घायलों का उपचार चल रहा है और कुछ घायल प्राथमिक उपचार कराकर छुट्टी करा ले गए। वहीं उत्तर प्रदेश निवासी बस चालक कुलदीप पुत्र विजेंद्र की मौत हो गई।

ओवरलोड होते हैं तूड़ी से भरे वाहन

हकीकत यह है कि अब फसल कटाई के बाद बड़ी संख्या में तूड़ी से भरे वाहन निकल रहे हैं, लेकिन इनके ओवरलोड होने के बाद भी प्रशासन व पुलिस को कोई फिक्र नहीं है। हाईवे पर ऐसे सैकड़ों वाहन हर दिन ओवरलोड तूड़ी लेकर निकलते हैं, इनसे हादसे की आशंका बनी रहती है। रात के समय थानों के सामने से ही यह वाहन निकलते हैं। परंतु इन्हें पुलिस की ओर से रोका तक नहीं जाता है। शहर के विभिन्न थानों की पुलिस को इस बात की जानकारी भी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की जाती है।