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एसपी का फोटो लगा फर्जी फेसबुक आईडी बनाई, परिचितों ने पूछा तो कुछ घंटों बाद हटाया पेज

मेवात के ऑनलाइन ठग गिरोह पुलिस अधिकारियों की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर वारदात करने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला अब जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार विश्नोई का आया है।

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एसपी का फोटो लगा फर्जी फेसबुक आईडी बनाई, परिचितों ने पूछा तो कुछ घंटों बाद हटाया पेज

एसपी का फोटो लगा फर्जी फेसबुक आईडी बनाई, परिचितों ने पूछा तो कुछ घंटों बाद हटाया पेज

भरतपुर. मेवात के ऑनलाइन ठग गिरोह पुलिस अधिकारियों की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर वारदात करने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला अब जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार विश्नोई का आया है। बुधवार रात उनकी फोटो लगा किसी शख्स ने उनके परिचितों को दोस्त बनाने के लिए रिक्यूस्ट भेजी। जिस पर उक्त शख्स से सवाल किए तो गुरुवार सुबह पेज को डिलीट कर दिया। इसकी जानकारी साइबर सेल को दी जिस पर जानकारी करने पर एक व्यक्ति का नाम सामने आया। जिस पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से अब फेसबुक कंपनी को ई-मेल कर संबंधित के बारे में जानकारी मांगी है। उधर, दूसरी घटना कैथवाडा थाना प्रभारी रामनरेश मीणा के साथ हुई। अज्ञात जनों ने उनकी फर्जी फेसबुक आईडी बना ली और बीमार बताकर परिचितों से राशि मांगी। जिस पर फोन आने पर थाना प्रभारी को जानकारी हुई और अपना वीडियो जारी कर सावधान रहने के लिए कहा।


बताया जा रहा है कि किसी दीपक मिश्रा नामक व्यक्ति ने अपनी प्रोफाइल पर एसपी विश्नोई की फोटो लगा पेज बना लिया। इसके बाद उसने कुछ परिचितों को रिक्यूस्ट भेजी। यह पेज बुधवार रात को तैयार किया गया था। गुरुवार सुबह एसपी विश्नोई के कुछ परिचितों को रिक्यूस्ट मिली तो वह थोड़े चौंक गए। क्योंकि वह पहले से ही उनकी प्रोफाइल से जुड़े थे। जिस पर एक-दो लोगों ने संबंधित से चैट कर सवाल-जवाब किए तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। जिसके बाद परिचितों ने एसपी विश्नोई को सूचना दी। उन्होंने इसकी सूचनाउ साइबर सेल को दी। साइबर सेल टीम इसके बाद एक्टिव हो गई लेकिन बताया जा रहा है कि उससे पहले संबंधित व्यक्ति ने पेज को डिलीट कर दिया।


यूआरएल भी मुश्किल से मिला

जिस शातिर ने फर्जी पेज बनाया वह आईटी का जानकार था। परिचितों ने जब यूआरएल खोजने का प्रयास किया तो वह लॉक था। जिस पर एक-दो परिचितों ने दूसरे मोबाइल से संबंधित पेज की फोटो लेकर एसपी विश्नोई को भेज दी। साइबर सेल ने भी प्रयास किए लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं मिली। बाद में सेल ने फेसबुक कंपनी को मेल कर संबंधित के बारे में सूचना मांगी है। गौरतलब रहे कि ऑनलाइन ठग गिरोह पहले भी केरल आईजी व बेंग्लूरू पुलिस कमिश्नर का फर्जी फेसबुक पेज बनाकर ठगी की वारदात कर चुके हैं।


थानेदार को बीमार बता ठगी का प्रयास

साइबर ठगों ने गुरुवार को कैथवाडा थाना प्रभारी रामनरेश मीणा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर तथा बीमारी का बहाना बनाकर उनके कई परिचितों से फेसबुक आईडी पर दिए हुए पेटीएम तथा गूगल पे-अकाउंट में पैसे डलवाने की मांग कर ठगी करने का प्रयास किया। लेकिन जब लोगों ने थानाधिकारी को फोन कर बात पूछा तो उन्हें घटना की जानकारी मिली। जिस पर उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने परिचित तथा अपरिचित सभी लोगों को अपने नाम से बनी फर्जी फेसबुक आईडी के बारे में जानकारी दी तथा ठगों से सावधान रहने की अपील की जिससे लोग ठगी का शिकार होने से बच गए। थानाधिकारी रामनरेश मीणा ने बताया कि गुरुवार सुबह एक फेसबुक मित्र का फोन आया और उसने कहा कि आपकी एक फेसबुक आईडी से मुझे फ्रेण्ड रिक्वेस्ट मिली है लेकिन वह पहले से ही फेसबुक पर आपका मित्र हैं। नई फेसबुक आईडी से पैसे डलवाने की मांग की जा रही है। कहीं ऐसा तो नहीं यह ठगी करने का प्रयास किया जा रहा हो। इसके बाद कुछ अन्य मित्रों के भी फोन आए तो मुझे पूरे घटनाक्रम का पता चला।


फर्जी सिम से बनाई थी फेसबुक आईडी

थानाधिकारी ने बताया कि किसी साइबर ठग द्वारा फर्जी सिम का इस्तेमाल कर उनके नाम से दूसरी फेसबुक आईडी बनाई गई है जिसे शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साइबर ठगों द्वारा थानाधिकारी के परिचित व्यक्तियों को मैसेंजर पर मैसेज कर बताया गया कि उसके बच्चे की तबीयत खराब है और वह अस्पताल में भर्ती है उसके लिए पैसे की आवश्यकता है इसलिए उसके पेटीएम या गूगल पे अकाउंट पर पैसे ट्रांसफर कर दें।


- किसी ने फर्जी फेसबुक पेज बनाकर परिचितों को रिक्यूस्ट भेजी थी। मालूम होने पर साइबर सेल ने तलाश किया तो उसने पेज को पहले ही डिलीट कर दिया। मामले में जानकारी की जा रही है।
- देवेन्द्र कुमार विश्नोई, एसपी भरतपुर