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थ्रेसर से कटा हाथ, आरबीएम में की प्लास्टिक सर्जरी

- अलवर के मरीज का भरतपुर में हुआ था ऑपरेशन

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थ्रेसर से कटा हाथ, आरबीएम में की प्लास्टिक सर्जरी

थ्रेसर से कटा हाथ, आरबीएम में की प्लास्टिक सर्जरी

भरतपुर . आरबीएम अस्पताल अब चिकित्सा के क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रहा है। राजधानी जयपुर में होने वाले उपचार अब मरीजों को यहीं मिल रहे हैं। इसी कड़ी में अब आरबीएम ने एक मरीज की प्लास्टिक सर्जरी करने में सफलता हासिल की है, जो पूर्ण रूप से सफल हुई है।
अलवर जिले के हुल्माना निवासी जयसिंह (43) का हाथ थ्रेसर मशीन में आ गया था। इससे हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। ऐसे में जयसिंह के परिजन रात्रि 11 बजे मरीज को यहां लेकर पहुंचे। इसी दरिम्यान रात्रि को ही जयसिंह का ऑपरेशन किया गया और ब्लीडिंग को रोका गया। इसके बाद अगले दिन सुबह फिर से हाथ का ऑपरेशन किया। इसके बाद मरीज के हाथ में किसी तरह का इन्फेक्शन नहीं हो। इसके लिए लगातार निगरानी की गई। अब मरीज की मंशा पर आरबीएम में उसकी प्लास्टिक सर्जरी की गई है। मरीज की जांघ से चमड़ी लेकर उसे हाथ पर लगाया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि मरीज अब पूर्ण रूप से स्वस्थ है।

जिंदगी बचाने को रात्रि को ही ऑपरेशन

खेत पर काम करते समय थ्रेसर (कुट्टा) मशीन में हाथ आने से जय सिंह का हाथ बुरी तरह जख्मी हुआ था। हाथ से बहुत ज्यादा खून बह गया था। अलवर से भरतपुर लाने तक मरीज का काफी खून बह चुका था। मरीज के भरतपुर पहुंचने पर आरबीएम के सर्जन डॉ. संजीव चौधरी ने तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया और मरीज का रात्रि 11 बजे ऑपरेशन किया। डॉ. चौधरी ने बताया कि यदि रात्रि को ही ऑपरेशन नहीं किया जाता तो मरीज की जान के लिए खतरा पैदा हो सकता था।

मांशपेशियों में भरा था कचरा

डॉ. संजीव चौधरी ने बताया कि थ्रेसर में हाथ आने की वजह से जख्मी हाथ की मांसपेशियों में चारे का कचरा भी भर गया था। इस वजह से हाथ में संक्रमण फैल गया। ऐसे में अगले ही दिन से हाथ की सफाई की और उसे संक्रमण मुक्त बनाने का उपचार शुरू हो गया।

डेढ़ घंटे तक चली सर्जरी

डॉ. चौधरी ने बताया 1 फरवरी को मरीज के हाथ की प्लास्टिक सर्जरी की गई। करीब डेढ़ घंटे तक चली सर्जरी में सबसे पहले मरीज के हाथ की डेमेज मांसपेशियों को पैर से मांस लेकर दुरुस्त किया। इसके बाद हाथ के ऊपर की चमड़ी तैयार की गई। अब मरीज के हाथ की ड्रेसिंग खोल दी गई है और वह पूरी तरह से स्वस्थ है। आगे कुछ दिन मरीज को फिजियोथैरेपी दी जाएगी।

यह रहे टीम में शामिल

आरबीएम की अधीक्षक डॉ. जिज्ञासा साहनी के नेतृत्व में विभागाध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र भदौरिया, इकाई प्रभारी डॉ. के.सी. बंसल के निर्देशन में सहायक आचार्य सर्जरी डॉ. संजीव चौधरी ने मरीज की प्लास्टिक सर्जरी की है। एनेस्थिेसिया टीम में डॉ. चन्द्रेश भारद्वाज, डॉ. सूरजभान, डॉ. सौरव एवं डॉ. रवि शामिल रहे। इसके अलावा अन्य टीम में दीवान, विजेन्द्र, धर्मेन्द्र, देवेन्द्र, रामा, तुलसी, रामसिंह एवं अनीषा आदि शामिल रहे।

इनका कहना है

मरीज का पहला ऑपरेशन यही किया गया था। अब प्लास्टिक सर्जरीभी यहीं की है। मरीज की जांघ से चमड़ी लेकर उसे हाथ पर लगाया गया है। मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ है। लंबे समय से यहां पलास्टिक सर्जरी नहीं हो रही थी।

- डॉ. संजीव चौधरी, सहायक आचार्य सर्जरी आरबीएम