
जिलाप्रमुख का चुनाव ‘प्रतिष्ठा’ का सवाल बना नजर आ रहा है। कोरम पूर्ति के अभाव में स्थगित हुई पहली बैठक के बाद शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में दूसरी बैठक हुई। यूं तो कोरम की पूर्ति जिला परिषद सदस्यों से होती रही है, लेकिन इस बार मंत्री-विधायक और प्रधानों को भी कोरम पूर्ति के लिए कुर्सी संभालनी पड़ी। यह संभवतया इस कार्यकाल की पहली बैठक थी, जिसमें राज्यमंत्री और तीन विधायक शामिल हुए। हालांकि कोरम पूर्ति को लेकर बैठक विवादों में रही। कुम्हेर प्रधान रश्मि फौजदार यह आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर चली गईं कि बैठक अवैध है। इसमें कोरम की पूर्ति नहीं हुई है।
बैठक में सात जिला परिषद सदस्यों के साथ नगर विधायक एवं गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, भरतपुर विधायक डॉ. सुभाष गर्ग, बयाना विधायक डॉ. ऋ तु बनावत, वैर विधायक बहादुर सिंह कोली एवं प्रधान बैठक में शामिल हुए। बैठक का समय अपराह्न 3 बजे रखा गया, लेकिन सदस्यों के इंतजार में 3.30 बज गए। अंतिम क्षणों तक सदस्यों को फोन जाते रहे। मंत्री-विधायकों समेत 19 सदस्यों के आने पर बैठक शुरू हुई, लेकिन इसी वक्त कुम्हेर प्रधान रश्मि फौजदार खड़ी हो गईं और ऐतराज जताया कि कोरम की पूर्ति नहीं हुई है। फौजदार ने आरोप लगाया कि यह बैठक अवैध है। हालांकि जिला परिषद के एसीईओ ने दावा किया कि कुल संख्या के एक तिहाई 19 सदस्य हो गए हैं। ऐसे में बैठक शुरू की जा सकती है। प्रधान यह कहते हुए बाहर निकल गईं कि यह बिल्कुल गलत हो रहा है। मीडिया से बातचीत में रश्मि ने आरोप लगाया कि बैठक में महज 6 सदस्य ही आए थे, प्रशासन मनमर्जी कर रहा है। मीटिंग गलत तरीके से की गई है।
यह बोले जिला कलक्टर
बैठक के लिए आवश्यक 19 सदस्यों की पूर्ति हो गई थी। ऐसे में कोरम कंपलीट था। बैठक में पिछली मिनिट्स और मनरेगा बजट पर चर्चा हुई। आमजन के काम हो सकें, इसके लिए बैठक में चर्चा की गई। उनका (प्रधान) का मानना था कि केवल जिला परिषद सदस्यों से ही कोरम पूर्ति होती है, जबकि सरकार ने एमपी-एमएलए को भी इसका पार्ट मान रखा है और इसका नोटिफिकेशन भी है। इसमें कोई कन्फ्यूजन नहीं है।
डॉ. अमित यादव, जिला कलक्टर एवं कार्यवाहक जिलाप्रमुख
Published on:
17 Jan 2025 07:52 pm
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