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चारों ओर गड्ढे ही गड्ढे, वाहन ही नहीं, पैदल चलना भी हो रहा मुश्किल

चार दशक से नहीं हुआ समस्या का समाधान, आम रास्ते में कीचड़ जमा होने ग्रामीण परेशान  

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चारों ओर गड्ढे ही गड्ढे, वाहन ही नहीं, पैदल चलना भी हो रहा मुश्किल

चारों ओर गड्ढे ही गड्ढे, वाहन ही नहीं, पैदल चलना भी हो रहा मुश्किल

वैर. उपखंड के गांव लुहासा से नगला लुहासा में बने आम रास्ते में कीचड़ जमा होने से आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है वहीं स्कूल जाते समय बच्चों का भी रास्ते से निकलना मुश्किल होता है । जिसको लेकर ग्रामीणों ने रोष जताया तथा प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
स्थानीय निवासी केशव गुर्जर, सियाराम गुर्जर, हरि सिंह, मेघराज, अतर सिंह आदि ने बताया कि गांव के लोग करीब 40 साल से कीचड़ युक्त इस आम रास्ते से परेशान हैं जिसको लेकर ग्रामीण कई बार स्थानीय प्रशासन से लिखित में व मौखिक रूप से गुहार लगा चुके हंै लेकिन उसके बाबजूद भी प्रशासन के द्वारा समस्या का समाधान नहीं हो पाया है । करीब दो दर्जन से अधिक स्कूल में पढऩे के लिए विद्यार्थी इसी रास्ते से होकर निकलते हैं जिनको भारी परेशानी होती है व बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं ।
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सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क!
कुम्हेर. क्षेत्र में अधिकांश सड़कों की हालत कई वर्षों से खस्ता बनी हुई है वहीं कुम्हेर नदबई दो उपखण्ड को जोडऩे वाले स्टेट हाइवे की खस्ताहाल को देखते हुए दौसा सवाई माधोपुर, करौली जयपुर अलवर आदि जिलों के भक्तों के लिए गोवर्धन तीर्थ स्थल को जाने वाला मुख्य मार्ग भी है इस मार्ग की हालत देखकर राहगीरो में सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में होकर सड़क चर्चा का विषय बनी हुई।
इस सड़क का जीर्णोद्धार या डामरीकरण तत्कालीन केबिनेट मंत्री दिगम्बर सिंह के द्वारा ही कराया गया था। लेकिन कई वर्षों से सड़क में गड्ढे होने के कारण तब से लेकर अब तक ये सड़क मरम्मत की बाट जोह रही हैं । वहीं कुम्हेर से जनूथर की ओर जाने वाली सड़क भी दयनीय स्थिति में क्षेत्र में सड़कों की हालत खराब है चाहे वो कस्बों से गावों को जोडऩे वाली हो या गावों से गांव । सड़कों हालत को लेकर क्षेत्र के लोगो मे भी सार्वजनिक निर्माण विभाग के खिलाफ खासी नाराजगी बनी हुई है। सड़कों के खराब हालत को देखते हुए दुर्घटना भी आम बात हो गई। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते लोगों द्वारा निर्माणधीन सड़कों की सामग्री पर भी अंसतोष जाहिर कर चुके है।