भरतपुर . मेडिकल कॉलेज का तमगा। बेहतर इलाज का दावा। इसके बाद भी अस्पताल में भर्ती होने के बाद बाजार में स्ट्रेचर पर जाती गर्भवती महिला। यह तस्वीर शुक्रवार को शहर के मोरी चारबाग क्षेत्र में नजर आई। वजह, अस्पताल में सोनोग्राफी की सुविधा महज एक बजे तक ही है। ऐसे में इसके बाद आने वाले मरीजों का अक्सर ऐसा ही हाल होता है।
शहर के आनंद नगर निवासी महिला को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां चिकित्सकों ने परिजनों को सोनोग्राफी कराने की सलाह दी, लेकिन यहां यह सुविधा महज एक बजे तक ही है। ऐसे में परिजन महिला को अस्पताल से स्ट्रेचर पर लिटाकर बाजार में सोनोग्राफी कराने लाए। सोनोग्राफी की सेवा यहां सीमित होने के कारण ऐसी तस्वीरें यहां आम हो चली हैं। कई बार तो स्ट्रेचर पर ले जाते समय ही महिला का प्रसव हो जाता है, लेकिन अस्पताल प्रशासन इस पीर को गंभीरता से लेता नजर नहीं आ रहा है। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल के तमगे वाले जनाना अस्पताल में सोनोग्राफी की सुविधा 24 घंटे नहीं है।
जिसने भी देखा, निकला उफ्फ
गर्भवती महिला को स्ट्रेचर पर तीन महिलाएं एवं एक युवक खींचता हुए नजर आए। ऐसे में जिसने भी यह तस्वीर देखी तो वह उफ्फ करके ही रह गया। ऐसी तस्वीरें अब यहां आम हो चली हैं, लेकिन महिलाओं की इस पीर की लगतार अनदेखी हो रही है। खास बात यह है कि कई बार तो तय समय से पहले ही यहां सोनोग्राफी बंद हो जाती है।