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चिरंजीवी योजना का कार्ड दरकिनार, लाखों वसूल रहे निजी अस्पताल

- चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना : निजी अस्पताल ही लगा रहे मरीजों को पलीता

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चिरंजीवी योजना का कार्ड दरकिनार, लाखों वसूल रहे निजी अस्पताल

चिरंजीवी योजना का कार्ड दरकिनार, लाखों वसूल रहे निजी अस्पताल

भरतपुर . मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी चिरंजीवी बीमा योजना की आम आदमी को निशुल्क इलाज मुहैया कराने की मंशा को निजी अस्पताल पलीता लगाने में लगे हैं। योजना में निजी अस्पतालों में इलाज शुरू होने का पता चलने पर लोग निजी अस्पतालों में पहुंचने लगे हैं। शहर में कई अस्पताल ऐसे हैं, जो योजना में शामिल होने के बावजूद पात्र मरीजों का उपचार नहीं कर रहे हैं।
कैशलेस इलाज करने में आना-कानी कर रहे हैं। मरीजों से इलाज के रुपए मांगे जा रहे हैं। यह समस्या डेंगू के मरीज बढऩे के बाद ज्यादा सामने आ रही है। निजी अस्पताल गंभीर व चिरंजीवी योजना के योग्य मरीजों का इलाज करने से इनकार कर रहे हैं। यह बात तब और आश्चर्य में डालती है, जब शिकायत के बाद निजी अस्पताल को नोटिस दिए जाते हैं और जिम्मेदारों के कहने पर ही कार्रवाई नहीं की जाती है। बल्कि लाखों रुपए वसूलने का मौखिक लाइसेंस तक थमा दिया जाता है।
इतना ही नहीं योजना में शामिल होने के बावजूद कई अस्पताल मरीजों का इलाज नहीं कर रहे हैं। भर्ती के बाद उनसे रुपए वसूले जा रहे हैं। इतना ही नहीं विरोध करने पर मरीजों को डिस्चार्ज तक कर दिया जाता है। इस तरह की शिकायतें मिलने पर सरकार ने ऑपरेशन चिरंजीवी चलाया। ऑपरेशन में शिकायतें प्रमाणित होने पर गाइडलाइन जारी कर दी। सरकार ने इलाज नहीं करने वाले निजी अस्पतालो के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया। इसके बावजूद निजी अस्पताल सरकार से जरा भी डर नहीं रहे हैं।

कभी बेड नहीं तो कभी डॉक्टर

निजी अस्पताल मरीजों को चिरंजीवी योजना के तहत भर्ती करना ही नहीं चाहते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि इलाज आज करना पड़ता है। पैसा कब मिलेगा कोई समय निर्धारित नहीं है। भामाशाह योजना में भी करोड़ों रुपए आज भी बकाया पड़े हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन बेड खाली नहीं है का बहाना बनाते हैं और संबंधित चिकित्सक नहीं है। ऐसे बहाने बनाकर मरीजों को टाल देते हैं, जबकि रुपए जमा कराने वालों के लिए बेड भी उपलब्ध है और चिकित्सक भी।

इन निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज

जिले में सिंघल नर्सिंग होम भरतपुर, डॉ. विनोद गुप्ता हॉस्पिटल भरतपुर, जौहरी हॉस्पिटल भरतपुर, विजय हॉस्पिटल भरतपुर, डॉ. कुसुम शर्मा हॉस्पिटल भरतपुर, राज न्यूरो ट्रोमा हॉस्पिटल भरतपुर, श्री विनायक हॉस्पिटल भरतपुर, प्रदीप हॉस्पिटल एण्ड फ्रेक्चर क्लीनिक भरतपुर, नीतन हॉस्पिटल एण्ड फ्रेक्चर क्लीनिक भरतपुर, जिन्दल हॉस्पिटल भरतपुर, अरोड़ा हॉस्पिटल भरतपुर, श्रीराम बयाना एवं कृष्णा हॉस्पिटल बयाना में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पात्र मरीज को कैशलेस उपचार का लाभ दिया जा रहा है।

बड़े साहब की शिकायत और कार्रवाई फुर

कुछ दिन पहले शहर के निजी अस्पताल में योजना के तहत इलाज नहीं करने व इलाज के नाम लाखों रुपए वसूलने की शिकायत एक बड़े अधिकारी के पास पहुंची। अधिकारी ने शिकायत की जांच के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए। जांच के बाद नोटिस दिए गए, लेकिन कार्रवाई की बात आते ही बड़े साहब और संबंधित विभाग दोनों ही चुप हो गए। चूंकि मामला रसूखदार के निजी अस्पताल से जुड़ा था।

इनका कहना है

विभाग की ओर से जांच कर समय पर कार्रवाई की जाती है। नियमानुसार जांच भी की जाती है। किसी को यदि परेशानी है तो वह विभाग में शिकायत करे।

- डॉ. असित श्रीवास्तव, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी