
भरतपुर। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी प्रारंभ कर दी है। शिक्षा विभाग निजी स्कूलों की जांच कर यह देखेगा कि यहां आरटीई व फीस एक्ट का पालन हो रहा है या नहीं। निजी स्कूलों में भौतिक सुविधाओं की क्या स्थिति है। शिक्षकों के वेतनमान क्या है और वे स्कूल आते हैं या नहीं।
सरकार के आदेशों की यहां कितनी पालना की जा रही है। विभाग इनको मिलाकर कुल 21 बिंदुओं के आधार पर जांच कर निजी स्कूलों की पूरी कुंडली तैयार करेगा। इसके बाद इसकी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। शिक्षा विभाग ने निरीक्षण दल गठित करने का आदेश जारी किया है।
निजी स्कूल चाहे किसी भी बोर्ड से संबंधित हो। विभाग के निरीक्षण के दायरे में शामिल रहेगा। जांच में सहयोग नहीं करने वाले निजी स्कूल की मान्यता समाप्त होगी। विभाग की 100 दिन की कार्ययोजना में निजी स्कूलों का निरीक्षण करने का बिंदू भी शामिल था। इसकी पालना में यह आदेश जारी हुआ है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से संयुक्त निदेश, सीडीईओ, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक मुख्यालय सहित समस्त निजी स्कूलों के संस्था प्रधान और सचिव को आदेश जारी किए गए हैं।
इन प्रमुख बिंदुओ की जांच
1. ट्रस्ट, सोसायटी के पंजीयन के दस्तावेज
2. मान्यता के दस्तावेज, पंजीकृत किरायानामा, भूस्वामित्व, अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र, भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र
3. आरटीई में प्रवेश छात्रों का पूरी विवरण, पुनर्भरण की स्थिति
4. फीस की पालना और इससे जुड़े प्रस्ताव पारित करने की प्रति
5. संस्था की संपत्तियों की विवरण
6. जांच लंबित या प्रक्रियाधीन
7. स्कूल की स्वच्छता रिपोर्ट
8. पिछले 3 साल की सीए की रिपोर्ट
9. संयुक्त एफडीआर की प्रति
10. गुड टच बेड टच को लेकर आयोजित कार्यक्रमों की रूपरेखा
11. कुल नामांकन, कक्ष की व्यवस्था।
Updated on:
23 Feb 2024 10:40 am
Published on:
23 Feb 2024 10:40 am
