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Rajasthan: पांचना बांध के पानी ने बढ़ाई परेशानी, 360 गांवों के खेतों में घुसा; फसलें हुई नष्ट

बयाना की गंभीर नदी में छोड़ा गया पांचना बांध का पानी अब ग्रामीण इलाकों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है।

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Rajasthan: Water from Panchna Dam entered the fields of 360 villages in Bayana bharatpur

उफान पर बहती गंभीर नदी

बयाना, भरतपुर। करौली के पांचना बांध के पानी के कई दिनों से बयाना की गंम्भीर नदी में छोड़ जाने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की फसलों में पानी भर जाने से नुकसान होने लगा है। इसके साथ ही डांगक्षेत्र के कई गांवों की का सम्पर्क बयाना मुख्यालय से छूट गया है।

इसके अलावा बयाना के कैलादेवी-झीलकावाड़ा में बनाई गई लवकुश वाटिका में सैकड़ों पेड़ पानी के कारण खराब होकर नष्ट हो गए। जिसके कारण लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव अडडा निवासी साहबसिहं गुर्जर, महरावर गांव निवासी उत्तमसिहं, रिझवास निवासी भागसिहं, मौरौली निवासी रिसी मावई, नगला ज्ञानी निवासी रिकूं, कारबारी निवासी लेखराज मीणा आदि ने बताया कि गंम्भीर नदी मे पांचना का पानी अधिक आने के कारण नदी के किनारे बसे 360 गांवों के खेतों मे पानी भर गया है। जिससे खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। जिसके कारण पशुओं को चारा नहीं मिल पा रहा है।

ग्रामीणों ने नुकसान के लिए मुआवजा दिलाए जाने की मांग रखी है। कैलादेवी-झीलकावाड़ा में बनाई गई लवकुश वाटिका में पानी भर जाने से सैकड़ों पेड़ नष्ट हो गए। जिसके चलते लवकुश वाटिका उजड़ गई है। फोरेस्टर दीपक उपाध्याय ने बताया कि पानी के चलते सैकड़ों से अधिक पेड़ खराब हो गए हैं। वहीं वाटिका में पानी भर गया है।

चार बार खोलने पड़े पांचना बांध के गेट

पांचना बांध कुछ ही दिनों के अंतराल में तीन बार छलक उठा। 10 अगस्त को तीसरी बार बांध के गेट खोलकर गंभीर नदी में पानी की निकासी करनी पड़ी। पहले बांध के 5 गेट खोलकर 20 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। इसके अगले दिन यानी 11 अगस्त को 6 गेटों को खोला गया। यह पानी बयाना की गंभीर नदी में छोड़ा गया है।

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