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भोजनाथली मेला पर फिर रार..अब तक नहीं हुई तैयारी बैठक

-पिछले तीन साल से नहीं हो रहा कुश्ती दंगल

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भोजनाथली मेला पर फिर रार..अब तक नहीं हुई तैयारी बैठक

भोजनाथली मेला पर फिर रार..अब तक नहीं हुई तैयारी बैठक

भरतपुर/कामां. भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली कामवन में होने वाले उत्तर भारत के प्रसिद्ध भोजन थाली परिक्रमा मेला एवं कुश्ती दंगल इस वर्ष भी संकट के बादल मंडराते दिखाई दे रहे हैं। अभी तक नगर पालिका प्रशासन व स्थानीय प्रशासन ने मेले को लेकर न तो कोई बैठक की गई है न कोई तैयारियां की जा रही है। इससे ऐसा लगता है कि इस वर्ष भी भोजनथाली परिक्रमा मेला व कुश्ती दंगल का आयोजन नहीं हो पाएगा। भोजनथाली परिक्रमा मेला 29 अगस्त से शुरू होना था। वहीं कस्बे के लोगों का कहना है कि गत दिनों कामां नगर पालिकाध्यक्ष गीता खंडेलवाल के निवास पर एसीबी की ओर से की गई कार्रवाई में पकड़े गए उनके कार चालक की गिरफ्तारी व पालिकाध्यक्ष पति भगवान दास व ईओ श्याम बिहारी गोयल के फरार होने के कारण तैयारियां नहीं हो सकी है।
नगर पालिका की ओर से हर वर्ष पांच दिवसीय भोजन थाली परिक्रमा मेला एवं कुश्ती दंगल का आयोजन कराया जाता है। यह मेला भाद्रपद शुक्ल दौज से प्रारंभ होता है। मेले के दौरान आयोजित होने वाले विराट कुश्ती दंगल में देश के विभिन्न प्रांतों के प्रसिद्ध पहलवान कुश्ती लडऩे के लिए कामां आते हैं। इसको लेकर नगर पालिका प्रशासन व स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई तैयारियां शुरू नही की है, लेकिन इस बार मेला आयोजन में करीब 22 दिन का समय ही बचा है, लेकिन अभी तक आयोजन को लेकर नगर पालिका गंभीर दिखाई नहीं दे रही है न मेला आयोजन को लेकर कोई बैठक बुलाई है, न तैयारियां शुरू की है। नगर पालिका की ओर से जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित होने वाले कामां उत्सव की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित कर तैयारियों को अंतिम रूप भी दे दिया है, लेकिन क्षेत्र के इस प्रसिद्ध मेले के आयोजन को लेकर अभी तक कोई तैयारी शुरू नहीं की है। नगर पालिका की अनदेखी के चलते ऐसा लगता है कि इस बार भी मेला आयोजित नहीं होगा।

2019 में हाइकोर्ट तक पहुंचा था प्रकरण

गौरतलब है कि गत वर्ष भी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए नगर पालिका ने मेला आयोजन में रुचि नहीं दिखाई थी और मेला आयोजित नहीं हुआ था। इस पर सामाजिक कार्यकर्ता विजय मिश्रा ने राजस्थान उच्च न्यायालय की शरण लेकर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ही 15 दिसम्बर 2019 में कुश्ती दंगल शांतिपूर्ण रूप से आयोजित हुआ था। दो वर्ष कोरोना काल होने के चलते मेला नहीं हो सका। सामाजिक कार्यकर्ता विजय मिश्रा का कहना है कि यदि नगर पालिका की ओर से इस बार भी मेला आयोजित नहीं कराती है तो फिर से राजस्थान उच्च न्यायालय की शरण लेकर प्राचीन परंपराओं को जीवित रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

इनका कहना है

-कामां के प्रसिद्ध भोजनथाली परिक्रमा मेला एवं कुश्ती दंगल को लेकर नगर पालिकाध्यक्ष से चर्चा कर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।

दिनेश शर्मा उपखण्ड अधिकारी कामां