
,,
भरतपुर. गांव महाराजसर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में तबादला कराकर आई दिव्यांग महिला शिक्षक सुनीता तेहरिया को ज्वॉइनिंग नहीं कराने के मामले ने तूल पकड़ लिया। जिले में दो स्थानों पर राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर नाराजगी व्यक्त की गई। उल्लेखनीय है कि जिले के बयाना के एक स्कूल से स्कूल व्याख्याता का स्थानांतरण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महाराजसर में हुआ था। जब महिला व्याख्याता स्कूल में कार्य ग्रहण करने गई तो प्रिंसिपल ने उसे कार्य ग्रहण कराने से मना कर दिया। पूछने पर प्रिंसिपल ने बताया था कि राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने फोन कर आपको कार्य ग्रहण नहीं कराने के लिए बोला है। पीडि़त महिला व्याख्याता ने इस पूरी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर आपबीती बता दी। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर के निदेशक ने महिला व्याख्याता को एपीओ कर दिया था। महिला शिक्षक का तबादला व्याख्याता गिरधारीलाल सिंह के स्थान पर हुआ था।
ये है मामला
10 अगस्त को राजस्थान शिक्षा सेवा की ओर से एक आदेश जारी कर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बयाना में कार्यरत जीव विज्ञान की व्याख्याता सुनीता तेहरिया का स्थानांतरण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महाराजसर में किया गया। व्याख्याता सुनीता तेहरिया का आरोप था कि वो शुक्रवार सुबह बयाना स्कूल पहुंची और वहां से रिलीव होकर कार्यग्रहण करने के लिए महाराजसर स्कूल पहुंची। जहां प्रिंसीपल हेमचंद गोयल ने मेरा आवेदन और अन्य दस्तावेज ले लिए, मुझे ज्वाइनिंग भी करा दी। लेकिन कुछ देर बाद प्रिंसीपल ने कहा कि आपकी ऑन लाइन ज्वाइनिंग होनी है, शाला दर्पण बंद है, ओटीपी नहीं आ रहा है। प्रिंसीपल ने फिर व्याख्याता से कहा कि अभी मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग का कॉल आया था, उन्होंने आपको कार्यग्रहण नहीं कराने के आदेश दिए हैं। इसलिए आपको कार्यग्रहण कराया जाना संभव नहीं है। इस पर व्याख्याता ने प्रिंसीपल से लिखित में देने को कहा तो प्रिंसीपल ने व्याख्याता के आवेदन पर कार्यग्रहण नहीं कराने के संबंध में लिखित में जवाब दे दिया।
ये लिखा प्रिंसिपल ने
प्रिंसीपल हेमचंद गोयल ने व्याख्याता के आवेदन पर लिखा है कि माननीय मंत्री जी डॉ. सुभाष गर्ग के दूरभाष से प्राप्त निर्देशानुसार उनकी अनुमति के बिना कार्यग्रहण नहीं करवाने हेतु निर्देश प्राप्त हुए हैं। अत: उनकी अनुमति के बिना कार्यग्रहण करवाया जाना संभव नहीं है।
इनका कहना है
आरोप गलत, खुद ग्रामीण आकर मिले
-महाराजसर के ग्रामीण मुझे आकर मिले हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में कार्यरत शिक्षक बहुत अच्छी तरह पढ़ाई करा रहा था। बाकी महिला शिक्षक का मुख्यालय भी भरतपुर ही कराया है। मेरे लिए तो सभी शिक्षक समान है। बाकी महिला शिक्षक की समस्या का भी समाधान कराया जाएगा।
डॉ. सुभाष गर्ग
राज्यमंत्री
-महाराजसर स्कूल के प्रिंसीपल हेमचंद गोयल और व्याख्याता सुनीता तेहरिया के बीच विवाद की मुझे जानकारी नहीं है। हां इतना जरूर पता है कि व्याख्याता सुनीता तेहरिया को एपीओ कर दिया गया है। अगर कोई विवाद हुआ तो उसकी जांच की जाएगी।
प्रेमसिंह कुंतल, डीईओ माशि मुख्यालय
-दिव्यांग महिला शिक्षक के साथ राज्यमंत्री ने गलत किया है। इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक संघ महिला शिक्षक के समर्थन में आंदोलन के लिए विवश होगा।
पवन शर्मा
प्रदेश मंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत
भजनलाल शर्मा बोले: इस्तीफा दे मंत्री सुभाष गर्ग
प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मंत्री सुभाष गर्ग ने महाराजसर के उच्च माध्यमिक विधालय के प्रधानाचार्य को ट्रांसफर होकर आई महिला अध्यापिका को कार्य ग्रहण न करने का जो आदेश दिया, वह मंत्री की ओर से स्थानांतरण मामले में दखल है। मंत्री पर ट्रांसफर में भ्रष्टाचार के आरोप के साथ इससे पूर्व में भी राजीव गांधी स्टडी के सदस्यों के साथ मिलकर रीट पेपर को लीक करवाने के आरोप भी लगे हैं। भजनलाल शर्मा ने बताया कि मंत्रियों व कांग्रेस के विधायकों ने ट्रांसफर कराने की दुकाने खोल रखी है एवं मुख्यमंत्री की मौन स्वीकृति प्राप्त है। प्रदेश में ट्रांसफर में लेनदेन हो रहा हैै, जो कि सरकार की नाक के नीचे एवं उनके संरक्षण में हो रहा है। क्या मुख्यमंत्री सुभाष गर्ग से मंत्री पद से इस्तीफा लेंगे। शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री स्पष्टीकरण दे कि क्या मंत्री सुभाष गर्ग महिला अध्यापिका के कार्य ग्रहण को कौनसे कानून के आधार पर रोक सकता है एवं क्या मंत्री मौखिक आधार पर कार्य ग्रहण का आदेश दे सकता है। कांग्रेस के विधायक मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके है, परंतु राजस्थान सरकार अपने चहेते मंत्रियों को खुले रूप से भ्रष्टाचार करने के लिए छूट दे रखी है।
Updated on:
14 Aug 2022 09:56 am
Published on:
13 Aug 2022 10:09 pm

बड़ी खबरें
View Allभरतपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
