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यहां अनदेखी के चलते बदहाल हुई व्यवस्था और रोगी बेबस

आरबीएम चिकित्सालय कहने को तो संभाग मुख्यालय का सबसे बड़ा अस्पताल है, लेकिन हालात यह है कि जहां हाथ रखो वहीं अव्यवस्था के दर्द की पीड़ा सुनाई पड़ती है।
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उमरिया

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aniket soni

•

Updated: 8 Aug 2016, 3:19 PM IST

RBM hospital in bharatpur

आरबीएम चिकित्सालय कहने को तो संभाग मुख्यालय का सबसे बड़ा अस्पताल है, लेकिन हालात यह है कि जहां हाथ रखो वहीं अव्यवस्था के दर्द की पीड़ा सुनाई पड़ती है। इलाज तो दूर की बात, यहां मरीजों को मूलभूत सुविधा तक नसीब नहीं हो रही है। एक बार बिजली चली जाए तो मरीजों को कई घंटे परेशान होना पड़ता है।

रात के समय तो हालात और भी खराब हो जाते हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा रही है। अस्पताल में कम्पनी बाग फीडर से बिजली सप्लाई आ रही है। बिजली जाने पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अस्पताल में तीन जनरेटर लगाए हुए हैं।

इनमें से एक जनरेटर ब्लड बैंक, दूसरा ट्रोमा सेंटर और तीसरा वार्डों में विद्युत आपूर्ति के लिए है, लेकिन वार्डों में बिजली की सप्लाई देने वाला जनरेटर पिछले काफी दिनों से खराब पड़ा है। अस्पताल प्रशासन द्वारा उक्त जनरेटर को सही नहीं कराया जा रहा है। बिजली कट होते ही पूरे वार्ड के कूलर-पंखे बंद हो जाते हैं। जिससे मरीज उमसभरी गर्मी में पसीने से हाल-बेहाल हो जाते हैं। परिजन मरीजों की पंखी से हवा करते रहते हैं।

चोरी व छेड़छाड़ का भी खतरा

अस्पताल में कई बार रात के समय बिजली गुल हो जाती है और कई घंटे तक मरीज अंधेरे में पड़े रहते हैं। ऐसे हालातों में अस्पताल में मरीजों के सामान चोरी होने व महिला मरीज व उनके साथ रहने वाली महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाओं का भी डर बना रहता है।

यहां भी हाल खराब

अस्पताल के ट्रोमा वार्ड में बिजली जाने पर जनरेटर की व्यवस्था है, लेकिन रात के समय कई बार यहां भी बिजली जाने पर अंधेरा पसरा रहता है। रात के समय अस्पताल में आने वाले सड़क दुर्घटना व मारपीट के घायल मरीजों का चिकित्साकर्मी टॉर्च या मोबाइल की रोशनी में इलाज व पर्ची बनाते नजर आते हैं।

रात को हालात और बदतर

रात के समय बिजली कट हो जाने पर अस्पताल में और भी ज्यादा बदतर हालात हो जाते हैं। अस्पताल के ज्यादातर वार्ड अंधेरे में डूब जाते हैं। गर्मी में छटपटाते मरीजों को उनके परिजन अंदर वार्डों से निकालकर बाहर खुली हवा में ले आते हैं और वहीं लिटाकर उनकी हवा करते रहते हैं।

डॉ. श्याम सुंदर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी भरतपुर ने बताया कि अस्पताल में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए तीन जनरेटर लगाए हुए हैं। इनमें से एक जनरेटर जलने के कारण खराब हो गया है। जिससे कई बार एक फेज बिजली नहीं आने से वार्डों में विद्युत सप्लाई ठप हो जाती है। जल्द ही नए जनरेटर की व्यवस्था करा दी जाएगी।