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रीट: 375 बसों की व्यवस्था, नुमाइश मैदान में बनेगा अस्थायी स्टैंड

-मेटल डिटेक्टर से होगी केंद्रों पर जांच, प्रवेश पत्र की लिंक जारी

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रीट: 375 बसों की व्यवस्था, नुमाइश मैदान में बनेगा अस्थायी स्टैंड

रीट: 375 बसों की व्यवस्था, नुमाइश मैदान में बनेगा अस्थायी स्टैंड

भरतपुर. अब तक की सबसे बड़ी रीट परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। भरतपुर जिले के ज्यादातर अभ्यर्थी दौसा व जयपुर परीक्षा देने जाएंगे। जबकि 26 हजार 161 अभ्यर्थी बाहर से यहां आएंगे। एक ही दिन में दो पारियों में होने वाली परीक्षा में नकल रोकना बड़ी चुनौती है, लेकिन इसके लिए पहली बार परीक्षा केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा ऐसा पहली बार है जब किसी एक परीक्षा के लिए लगातार 11 दिन तक अभ्यर्थियों के सेंटर तक आने-जाने के लिए रोडवेज बस में यात्रा निशुल्क की गई है।
इधर, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में आ रही परेशानी को देखते हुए अभ्यर्थी के आवेदन फार्म नंबर के लिए वेबसाइट पर लिंक डाला है। इसके माध्यम से अब जिन अभ्यर्थियों के आवेदन फार्म गुम हो गए हैं, वो भी आसानी से फॉर्म नंबर अपलोड करके प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। रीट के प्रवेश पत्र के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से चार वेबसाइट पर लिंक दिए गए थे, लेकिन उसी दिन अभ्यर्थी के आवेदन फार्म का ऑप्शन हटा दिया। इसके बाद जिन अभ्यर्थियों के आवेदन फार्म नहीं मिल रहे हैं। उनको प्रवेश पत्र निकालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। कुल 49198 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। रोडवेज व निजी समेत कुल 375 बसों की व्यवस्था की जा रही है। अस्थायी बस स्टैंड नुमाइश मैदान में बनाया जाएगा। ज्यादातर केंद्र मुख्यालय या उसके 10 किमी के दायरे में बनाए गए हैं। परीक्षार्थियों की हर समस्या का निराकरण पहले से ही सोचकर किया जा रहा है।

जिला कलक्टर ने भामाशाहों से किया आह्वान

जिला कलक्टर गुप्ता ने कहा है कि रीट परीक्षा में लगभग लगभग 49 हजार पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए 199 परीक्षा केन्द्र निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में करीब 23 हजार अभ्यर्थी भरतपुर जिले के एवं लगभग 26 हजार अभ्यर्थियों के बाहरी जिलों से आने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए उन्होंने जिले के भामाशाहों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं धार्मिक संस्थाओं से अपील की है कि उनके पास अभ्यर्थियों के ठहरने हेतु धर्मशाला एवं अन्य व्यवस्था के साथ उनके खान-पान की व्यवस्था करने में जिला प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इच्छुक भामाशाह, सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संस्था उनसे, एडीएम प्रशासन बीना महावर या संबंधित एसडीएम से सम्पर्क करें। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को सुगम आवागमन, ठहरने एवं खान-पान की बेहतर व्यवस्था होने से भरतपुर की छवि में भी निखार आएगा।