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बंद पड़े सैलून व ब्यूटी पार्लर, दस हजार से अधिक लोग बेरोजगार

लॉक डाउन के चलते देशभर में व्यवसायिक गतिविधियों पर पूा असर पड़ा है। दो दिन पहले सरकार ने सूक्ष्म व लघु उद्योगों को राहत देने की घोषणा की लेकिन अभी तक कई छोटे व्यवसाय जो बंद पड़े हैं, उन पर किसी का ध्यान नहीं गया है।

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बंद पड़े सैलून व ब्यूटी पार्लर, दस हजार से अधिक लोग बेरोजगार

बंद पड़े सैलून व ब्यूटी पार्लर, दस हजार से अधिक लोग बेरोजगार

भरतपुर. लॉक डाउन के चलते देशभर में व्यवसायिक गतिविधियों पर पूा असर पड़ा है। दो दिन पहले सरकार ने सूक्ष्म व लघु उद्योगों को राहत देने की घोषणा की लेकिन अभी तक कई छोटे व्यवसाय जो बंद पड़े हैं, उन पर किसी का ध्यान नहीं गया है। इसमें लोगों की आमजनजीवन से जुड़े कार्य भी हैं। ऐसा ही हेयर कटिंग व ब्यूटी पार्लर का कार्य है जो लॉक डाउन से बुरी तरह से प्रभावित है। लॉक डाउन को 52 दिन होने को आए लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इन्हें पुन: शुरू करने को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं करने से यहां पर कार्य करने वाले सैकड़ों लोग बेरोजगार बने हुए हैं। अकेले भरतपुर शहर की बात करें तो जेंस सैलून पर करीब दस हजार लोग कार्य करते हैं जो इस समय खाली हाथ हैं। इस व्यवसाय से जुड़े हुए लोगों की समस्या है कि वो परंपरागत तरीके से यही काम करते आ रहे हैं और वो लोग कोई अन्य कार्य नहीं कर सकते। ऐसे में परिवार का पालन पोषण करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


सैलून बंद होने से 10 हजार कामगार प्रभावित

हेयर कटिंग व ब्यूटी पार्लर की दुकान बंद होने से बड़ी संख्या में काम करने वाले लोग प्रभावित हुए हैं। शहर में ऐसे लोगों की संख्या करीब दस हजार होगी। जबकि ब्यूटी पार्लर की महिला कामगार अलग हैं। शहर में करीब 1500 जेंस सैलून और 300 लेडी ब्यूटी सैलून हैं जो गली-मोहल्ले से लेकर बाजार में संचालित हैं। फिलहाल इनके शटर डाउन हैं और लोग अपनी या तो स्वयं घर पर कटिंग कर रहे हैं या बारबर को घर बुला कर काम करवा रहे हैं।


सैलून बंद तो घर पर बुला रहे ग्राहक

हेयर कटिंग की दुकानें बंद होने से लोगों को भी परेशानी आ रही है। कुछ लोग घर पर ही एक-दूसरे की मदद से इन दिनों कटिंग कर रहे हैं। जबकि कुछ लोग फोन कर कटिंग के लिए बारबर को घर बुला रहे हैं। वहीं, गली-मोहल्लों में कुछ बारबार घर पर दो-तीन कटिंग करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। वहीं, ब्यूटी पार्लर चला रही महिलाओं का कहना है कि प्रशासन को इस ओर से ध्यान देना चाहिए। गाइड-लाइंस तय कर कुछ पार्लर जो पूरी सावधानी बरत रहे हैं, उन्हें शुरू किया जा सकता है, जिससे कामगारों की बेरोजगारी दूर होने में मदद मिले।


सरकार और लोग दोनों डरे हैं

सारस चौराहे के पास ब्यूटी सैलून संचालक संदीप ने बताया कि सैलून की दुकानें शुरू करने को लेकर सरकार और प्रशासन हिचक रहा है और लोग भी डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अनुमति दे दो तो पूरी तरह सावधानी बरतते हुए कार्य किया जाएगा। ग्राहक के लिए सैनेटाइज चैम्बर बनाया जाएगा और ग्राहक को तय पर ही बुलाया जाएगा, जिससे सोशल डिस्टेसिंग की पालना हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को कर्नाटक सरकार की तर्ज पर बंद पड़ी दुकानों में कार्य करने वाले लोग की मदद के लिए जो कदम उठाए हैं, वैसा करना चाहिए। जिससे बेरोजगार हुए कामगारों को मदद मिल सके।