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श्यामवीर सिंह/श्यामवीर सिंह जादौन
भरतपुर। भरतपुर संभाग स्तर की सेना भर्ती में दलालों की सेंधमारी रोकने को आर्मी इंटेलिजेंस, एटीएस और पुलिस अधिकारी सतर्क हो गए हैं। सेना भर्ती की हर गतिविधि पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे की नजर रहेगी। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, दो दिन से आर्मी इंटेलीजेंस और एटीएस के अधिकारियों ने शहर में डेरा डाल दिया है। जून २०१७ में उदयपुर की सेना भर्ती में रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद अब भरतपुर में आर्मी इंटेलिजेंस और एटीएस के अधिकारी सतर्क हैं।
यूं बढ़ी सेंधमारी की आशंका
खुफिया सूत्रों के मुताबिक कई संस्थान भर्ती की तैयारी कराते हैं। जून २०१७ में उदयपुर की सेना भर्ती में ऐसे ही रैकेट का खुलासा हुआ था, जो सेना भर्ती के नाम पर युवाओं को अपने यहां पर तैयारी कराता था, जिसमें जयपुर के कई संस्थान के निदेशक और संचालक जेल गए। एटीएस और आर्मी इंटेलीजेंस ने गिरोह के मददगार एक आर्मी अफसर को भी जेल भेजा था। आरोपितों ने पूछताछ में बताया था कि हर संस्थान की सेना के अधिकारियों से सेंटिंग होती है, जिसके जरिए ही सेंधमारी करते हैं।
आर्मी इंटेलीजेंस व एटीएस के 300 जवान तैनात
सेना भर्ती पर नजर रखने के लिए आर्मी इंटेलीजेंस व एटीएस की टीमें अभी से हरकत में आ गई हैं। सेना भर्ती की 26 अक्टूबर से आयोजित होने वाली दौड़ पर नजर रखने के लिए सेना के 250 जवान और आर्मी इंटेलीजेंस व एटीएस की टीमें (करीब 50 जवान) हर वक्त भर्ती स्थल व आसपास के क्षेत्रों में तैनात रहेंगी। भर्ती स्थल लोहागढ़ स्टेडियम में 34 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
पहले भी लगी सेंध
फरवरी 2017 में सीबीआई ने नागपुर, पणजी और पुणे में छापेमारी करके सेना भर्ती के पेपर में सेंधमारी का खुलासा किया था, जिसकी जांच भी सीबीआई कर रही है।
जून, 2017 में राजस्थान एटीएस ने उदयपुर की सेना भर्ती का खुलासा करके सेना के चिकित्सक सहित कई लोगों को जेल भेजा था।
जुलाई, 2015 में सेना भर्ती का पेपर लीक के सिंडीकेट का खुलासा।
जुलाई, 2014 को मध्य प्रदेश में सेना में भर्ती के नाम पर पांच-पांच लाख रुपए वसूले गए। मेजर व कर्नल समेत कई पर आरोप।
Published on:
25 Oct 2017 04:03 pm
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