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भरतपुर. गोवंश तस्करी के लिए गिरोह अब नए-नए तरीके अपना रहे हैं। बुधवार सुबह आगरा रोड स्थित ऊंचा नगला बॉर्डर पर चिकसाना थाना पुलिस ने पकड़े एक कंटनेर से 22 गोवंशों को मुक्त कराया है। पुलिस ने चालक-परिचालक समेत तीन जनों को पकड़ा है। कंटनेर पर बाहर की तरफ दुग्ध कंपनी का नाम लिखा था, जिससे किसी को शक नहीं हो। विशेष बात ये थी कि कंटेनर के आगे तस्करों की एक कार एस्कॉर्ट करते चल रही थी। कंटेनर के पकड़े जाने के बाद कार सवार लोग आगरा की तरफ भाग निकले। बताया जा रहा है कि कार में गाड़ी मालिक और गिरोह के कुछ लोग सवार थे।
थाना प्रभारी राजेश खटाना ने बताया कि सूचना मिली कि भरतपुर की तरफ से एक कंटेनर आ रहा है जिसमें चोरी-छिपे गोवंश लेकर जा रहे हैं। इस पर ऊंचा नगला चौकी पर नाकाबंदी कराई गई। कुछ देर में तेज रफ्तार से कंटेनर गाड़ी आती दिखी, नाकाबंदी देख कंटेनर चालक ने ब्रेक लगाए, जिस पर गाड़ी का मुंह वापस भरतपुर की तरफ घूम गया। चालक व अन्य लोगों ने भागने की कोशिश लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने गाड़ी की जांच की जिसमें कंटेनर में अंदर की तरफ रस्सियों से निर्दयतापूर्ण तरीके से गोवंध बंधा हुआ था। गाड़ी चालक से गोवंश ले जाने के कागजात मांगे तो वह नहीं दे सका। जिस पर पुलिस ने चालक इरतेखार पुत्र इरफान निवासी थाना ढांडा जिला रामपुर (यूपी), इमरान पुत्र जाकिर कुरैशी निवासी शेरगढ़ लावण थाना हिंचैला जिला मेरठ व फुरकान पुत्र जुल्फकार निवासी शेडूका वाला मोहल्ला ढांडा जिला रामपुर को गिरफ्तार कर लिया। कंटेनर से 22 गोवंशों को मुक्त करा गोशाला भिजवाया। पूछताछ में आरोपियों ने गोवंश गंगापुर के भाट जाति के लोगों से भरवा कर रामपुर के बूचड़ खाना ले जाना बताया है। कंटेनर के आगे एक कार एस्कॉर्ट करते हुए चल रही थी, जिसमें कंटेनर मालिक शाह आलम निवासी ढडिया व अन्य सवार थे। ये लोग कंटेनर का रास्ता साफ करते चल रहे थे। चालक ने बताया कि गोवंश को रामपुर तक पहुंचाने के लिए 20 रुपए का भाड़ा और तीनों को 6-6 हजार रुपए दिए थे। कार्रवाई में चौकी प्रभारी रंधीर सिंह, कांस्टेबल श्रवण कुमार, अमर सिंह व संजय कुलदीप शामिल थे।
Published on:
02 May 2019 01:02 am
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